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Cyber Fraud: न कोई कॉल और न ही OTP! ठगों ने जालसाजी का निकाला नया तरीका, यहां जानें डिटेल्स

Wed, 08 Jul 2026 08:10 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Crypto Wallet Drain: साइबर फ्रॉड को लेकर हर दिन नए तरीके देखने को मिलते हैं। ये खबर क्रिप्टेकरेंसी निवेशक के लिए बेहद खास है। बता दें कि किसी भी क्रिप्टो ट्रेडर को अपना सीड फ्रेज गलती से भी दूसरे व्यक्ति को नहीं देना चाहिए। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं।
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क्रिप्टो वॉलेट स्कैम - फोटो : AI
What is Crypto Wallet Drain: डिजिटल क्रांति के इस दौर में जहां एक तरफ बैंकिंग और निवेश आसान हुआ है, वहीं साइबर अपराधी भी ठगी के नए-नए खतरनाक तरीके इजाद कर रहे हैं। अब तक लोग सोचते थे कि बिना ओटीपी या बैंक कॉल के धोखाधड़ी मुमकिन नहीं है, लेकिन ठगों ने 'क्रिप्टो वॉलेट ड्रेन स्कैम' के जरिए इस भरोसे को भी तोड़ दिया है। यह खबर उनके लिए बेहद खास है जो ऑनलाइन क्रिप्टो की ट्रेडिंग करते हैं।

हाल ही में एक निवेशक के वॉलेट से बिना किसी ओटीपी या मैसेज के सिर्फ दो मिनट में 10 लाख रुपये के क्रिप्टो एसेट्स गायब हो गए। यह पूरी जालसाजी सिर्फ एक फर्जी वेरिफिकेशन लिंक के जरिए अंजाम दी गई। आइए इस लेख में समझते हैं ठग कैसे लोगों को अपने झांसे में लेते हैं।
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सोशल मीडिया - फोटो : Adobe Stock
कैसे जाल बिछाते हैं शातिर ठग?
  • स्कैमर्स निवेशकों को ईमेल या मैसेज पर एक ऐसा वेरिफिकेशन लिंक भेजते हैं, जो बिल्कुल असली क्रिप्टो वॉलेट जैसा दिखाई देता है।
  • इस लिंक को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि आम इंसान इसे कंपनी का आधिकारिक सुरक्षा अपडेट समझकर इस पर भरोसा कर लेता है।
  • जैसे ही कोई मासूम यूजर इस लिंक को ओपन करता है, वह ठगों के बनाए चक्रव्यूह में फंस जाता है।
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Zero Click Hack - फोटो : AI
आखिर क्यों काम नहीं आता कोई सुरक्षा कवच?
  • जब आप खुद अपने हाथ से वॉलेट की मुख्य चाबी (सीड फ्रेज) सौंप देते हैं, तो बैंक या एप का कोई सिक्योरिटी सिस्टम काम नहीं करता।
  • इस आधुनिक तकनीकी ठगी में अपराधियों को पैसे ट्रांसफर करने के लिए किसी पारंपरिक वन-टाइम पासवर्ड की आवश्यकता ही नहीं पड़ती।
  • क्रिप्टो करेंसी ब्लॉकचेन पर काम करती है, इसलिए एक बार पैसा ट्रांसफर होने के बाद इसे वापस पाना या ट्रैक करना बेहद मुश्किल होता है।

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'सीड फ्रेज' मांगकर मिनटों में लूट - फोटो : Meta AI
'सीड फ्रेज' मांगकर मिनटों में लूट
  • लिंक ओपन होने पर सुरक्षा वेरिफिकेशन के नाम पर यूजर से उसका '12 वर्ड का सीड फ्रेज' दर्ज करने को कहा जाता है।
  • सीड फ्रेज असल में वॉलेट की मास्टर चाबी होती है, इसे डालते ही पूरे डिजिटल खाते का कंट्रोल ठगों के हाथ में चला जाता है।
  • इसके बाद बिना किसी अप्रूवल मैसेज या ओटीपी के, स्कैमर्स महज दो मिनट के भीतर वॉलेट में मौजूद लाखों रुपये के एसेट्स साफ कर देते हैं।

 
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इस नए स्कैम से खुद को कैसे सुरक्षित रखें? - फोटो : अमर उजाला
इस नए स्कैम से खुद को कैसे सुरक्षित रखें?
  • ध्यान रखें कि कोई भी आधिकारिक कंपनी, बैंक या वॉलेट सपोर्ट आपसे कभी भी आपका 12 शब्दों का सीड फ्रेज नहीं मांगता है।
  • किसी भी अनवेरिफाइड या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, हमेशा आधिकारिक एप या वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें।
  • अगर कोई अकाउंट ब्लॉक होने या वेरिफिकेशन का डर दिखाए, तो जल्दबाजी करने के बजाय पहले किसी जानकार की सलाह जरूर लें।
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