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Cooler Tips: कूलर को 3-पिन प्लग में लगाना चाहिए या 2-पिन में? यहां जानें सही तरीका क्या है

Sat, 09 May 2026 12:31 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Cooler Safety Tips: कूलर में अक्सर करंट होने की खबरें आती हैं, इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, मगर एक बड़ा कारण ये है कि कूलर का प्लग आप 2 पिन में लगा है। आइए इस लेख में समझते हैं कि कूलर के प्लग को 2 पिन में लगाना चाहिए या 3 -पिन में लगाना चाहिए। आइए समझते हैं।
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कूलर से जुड़ी जरूरी बातें - फोटो : AI
3-Pin vs 2-Pin plug In Hindi: गर्मियों में कूलर का इस्तेमाल बढ़ते ही बिजली से जुड़ी सावधानियां जरूरी हो जाती हैं। अक्सर लोग सुविधा के लिए कूलर को 2-पिन प्लग में लगा देते हैं, मगर क्या आपको पता है कि 2-पिन में कूलर का प्लग लगाने से कूलर में करंट उतर सकता है? कूलर में पानी और बिजली का सीधा संबंध होता है, जिससे इसकी बॉडी में करंट उतरने का खतरा हमेशा बना रहता है।

3-पिन प्लग का इस्तेमाल करना इसलिए जरूरी है क्योंकि इसमें मौजूद तीसरी पिन 'अर्थिंग' का काम करती है। अगर मोटर या तार में कोई खराबी आती है, तो यह पिन अतिरिक्त बिजली को सीधे जमीन में भेज देती है, जिससे आपको तेज झटका नहीं लगता। यही वजह है कि सुरक्षित रहने के लिए विशेषज्ञ हमेशा अच्छी क्वालिटी के 3-पिन प्लग में कूलर लगाने का सुझाव देते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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कूलर को 2-pin में लगाएं ये 3-pin में - फोटो : AI
3-पिन प्लग ही क्यों है जरूरी?
  • 3-पिन प्लग में ऊपर वाली मोटी पिन 'अर्थिंग' के लिए होती है, जो लीकेज करंट को सीधा जमीन में भेज देती है।
  • अगर कूलर की मोटर या बॉडी में करंट आता है, तो 3-पिन प्लग उसे आप तक पहुंचने से पहले ही सुरक्षित रास्ते से निकाल देता है।
  • 3-पिन प्लग सॉकेट में अच्छी तरह फिट होता है, जिससे लूज कनेक्शन और स्पार्किंग का खतरा कम हो जाता है।
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कूलर को 2-pin में लगाएं ये 3-pin में - फोटो : अमर उजाला
2-पिन प्लग इस्तेमाल करने के खतरे
  • 2-पिन प्लग में अर्थिंग की सुविधा नहीं होती, जिससे कूलर की लोहे की बॉडी में करंट उतरने पर आपको जोरदार झटका लग सकता है।
  • हाई-पावर वाले कूलर के लिए 2-पिन प्लग कमजोर पड़ सकता है, जिससे प्लग पिघलने या जलने की संभावना रहती है।
  • बिजली के उतार-चढ़ाव और शॉर्ट सर्किट की स्थिति में 2-पिन प्लग आपके कूलर की मोटर को सुरक्षा नहीं दे पाता।

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कूलर को 2-pin में लगाएं ये 3-pin में - फोटो : Adobe stock
कूलर चलाते समय बरतें ये सावधानियां
  • कभी भी गीले हाथों से कूलर के स्विच या प्लग को न छुएं, यह जानलेवा हो सकता है।
  • कूलर में पानी भरते समय हमेशा पावर स्विच बंद कर दें और प्लग को सॉकेट से बाहर निकाल लें।
  • समय-समय पर कूलर के तार की जांच करें कि वह कहीं से कटा या फटा तो नहीं है, ताकि करंट का रिस्क न रहे।
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कूलर को 2-pin में लगाएं ये 3-pin में - फोटो : Adobe stock
मैकेनिक की सलाह कब लें?
  • अगर कूलर को छूने पर हल्का सा भी करंट (झनझनाहट) महसूस हो, तो उसे तुरंत इस्तेमाल करना बंद कर दें और मिस्त्री को दिखाएं।
  • अगर प्लग लगाने पर सॉकेट से चिलगारी निकले या जलने की गंध आए, तो यह वायरिंग में गड़बड़ी का संकेत है।
  • हमेशा पावर सॉकेट (16 एम्पीयर) का ही इस्तेमाल करें ताकि हाई वोल्टेज का भार तार आसानी से झेल सके।
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