Employee Rights In India: अक्सर देखा जाता है कि कई कंपनियां टैलेंटेड कर्मचारियों को आकर्षित करने के लिए जॉइनिंग के समय ऊंचे वेतन, बोनस, वर्क-फ्रॉम-होम या प्रोमोशन बड़े-बड़े वादे करती हैं। मगर नौकरी शुरू करने के कुछ महीनों बाद ही मैनेजमेंट अपने वादों से मुकर जाता है, जिसे 'ब्रीच ऑफ प्रॉमिस' भी कहा जाता है।
आज के दौर में, जब कॉर्पोरेट कल्चर में कंपटिशन बढ़ी है, ऐसे में कर्मचारियों को अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक होना बहुत जरूरी है। अगर आपकी कंपनी ने ऑफर लेटर में लिखे वादों का उल्लंघन किया है, तो आप केवल मूकदर्शक नहीं हैं। भारतीय श्रम कानून और अनुबंध अधिनियम के तहत आपको ऐसे मामलों में कानूनी स्टैंड लेने का पूरा हक है। आइए समझते हैं कि अगर कंपनी जॉइनिंग के समय किए गए वादों को पूरा न करे, तो आपको क्या कदम उठा सकते हैं।