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Cheque Bounce: चेक बाउंस होने पर दर्ज हो सकता है मुकदमा या जा सकते हैं जेल, जानिए क्या है नियम

Thu, 23 Feb 2023 12:17 PM IST
संकल्प सिंह यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Cheque Bounce Meaning - फोटो : istock
आज के इस डिजिटल जमाने में लोग ऑनलाइन पेमेंट करना पसंद कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कई लोग आज भी चेक के जरिए लेनदेन करना पसंद करते हैं। चेक के जरिए लेनदेन करना एक भरोसेमंद विकल्प के तौर पर देखा जाता है। अगर आप चेक से पेमेंट करने जा रहे हैं। ऐसे में आपको कुछ बातों के बारे में जानना जरूरी है। अगर आप इन बातों का ध्यान नहीं रखते हैं। ऐसे में आपको कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में चेक के जरिए पेमेंट करते समय कई सावधानियों को बरतना जरूरी है। अगर आप चेक से पेमेंट करते समय जरा सी भी गलती करते हैं। ऐसे में आपका चेक बाउंस हो सकता है। चेक बाउंस होने पर आपको जुर्माना भरना पड़ता है। कुछ मामलों में तो मुकदमा तक दर्ज हो जाता है। ऐसे में आपको जेल तक जाना पड़ सकता है। इसी कड़ी में आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से - 
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Cheque Bounce Meaning - फोटो : istock

क्यों होता है चेक बाउंस?

चेक बाउंस होने के कई बड़े कारण हैं। अक्सर चेक बाउंस होने की जो मुख्य वजहें हैं। उनमें अकाउंट में बैलेंस न होना या कम होना, सिग्नेचर का बदलना, गलत अकाउंट नंबर, शब्द लिखते समय किसी गलती का होना, ओवर राइटिंग आदि वजहें शामिल हैं। 
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Cheque Bounce Meaning - फोटो : istock

चेक बाउंस हो जाए, तो क्या होगा?

अगर आपका चेक बाउंस हो जाए। इस स्थिति में आपको जुर्माना भरना पड़ता है। हालांकि, चेक बाउंस होने की अलग-अलग वजहों से जुर्माने की रकम भी अलग-अलग होती है। इसमें जुर्माने की रकम 150 रुपये से लेकर 800 रुपये तक हो सकती है। 

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Cheque Bounce Meaning - फोटो : istock
आपको शायद ही इस बारे में पता होगा कि भारत में चेक बाउंस होना अपराध है। चेक बाउंस नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 के अंतर्गत चेक बाउंस होने की स्थिति में व्यक्ति के ऊपर मुकदमा चलाया जा सकता है। इसमें व्यक्ति को 2 साल की जेल, चेक में भरी राशि का दोगुना जुर्माना या दोनों लग सकता है। 
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Cheque Bounce Meaning - फोटो : Istock
गौरतलब बात है कि ऐसी स्थिति तभी जन्म लेती है, जब चेक देने वाले व्यक्ति के खाते में पैसे न हों या बैंक चेक को डिसऑनर कर दे। ऐसा होने पर एकदम ही मुकदमा नहीं हो जाता है। बैंक लेनदार को इसकी राशीद भेजता है। इसमें चेक बाउंस होने की वजह का जिक्र होता है। ऐसा होने के बाद लेनदार को 30 दिनों के भीतर देनदार को नोटिस भेजना होता है।
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Cheque Bounce Meaning - फोटो : Istock
अगर 15 दिन के भीतर कोई जवाब नहीं आता है। इस स्थिति में लेनदार मजिस्ट्रेट अदालत में इसकी शिकायत दर्ज करा सकता है। अगर ऐसा करने के बाद भी आपका पैसा नहीं मिलता है। इस स्थिति में आप संबंधित व्यक्ति पर केस दर्ज कर सकते हैं।

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