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Ayushman Card: क्या प्राइवेट अस्पताल आयुष्मान कार्ड पर इलाज से मना कर सकता है? जानें कहां करें शिकायत

Sun, 14 Jun 2026 07:39 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

PMJAY Free Treatment Limit: अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि कई प्राइवेट अस्पताल वाले आयुष्मान कार्ड से एडमिट करने से मना करते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं कि आयुष्मान कार्ड से प्राइवेट अस्पताल में एडमिट होने का क्या नियम हैं।
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आयुष्मान कार्ड नियम - फोटो : AI
Ayushman Card Private Hospital Rules: गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा देने के लिए सरकार द्वारा 'आयुष्मान भारत योजना' चलाई जा रही है। इस योजना के तहत कार्डधारकों को हर साल ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलता है। मगर कई बार कुछ सूचीबद्ध प्राइवेट अस्पताल नेटवर्क की खराबी, बेड खाली न होने या किसी अन्य बहाने से आयुष्मान कार्ड पर इलाज करने से साफ मना कर देते हैं।

एक आम इंसान के लिए आपातकालीन स्थिति में ऐसा होना बेहद परेशान करने वाला होता है। आइए इस लेख में समझते हैं कि क्या कोई प्राइवेट अस्पताल ऐसा कर सकता है और मना करने पर आपको क्या कदम उठाने चाहिए।
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आयुष्मान योजना के तहत अस्पताल के नियम - फोटो : Amar Ujala
आयुष्मान योजना के तहत अस्पताल के नियम
  • अगर कोई प्राइवेट अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत रजिस्टर्ड है, तो वह किसी भी वैध कार्डधारक का इलाज करने से मना नहीं कर सकता।
  • सरकार इन अस्पतालों को इलाज के बदले तय पैकेज के अनुसार भुगतान करती है, इसलिए वे मरीज से नकद पैसों की मांग नहीं कर सकते।
  • गंभीर स्थिति या आपातकाल में अस्पताल प्रशासन यह नहीं कह सकता कि पहले कागजी कार्रवाई पूरी होगी, तभी मरीज को भर्ती किया जाएगा।
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इन बहानों के खिलाफ रहें सतर्क - फोटो : Amar Ujala
इन बहानों के खिलाफ रहें सतर्क
  • कई बार अस्पताल आयुष्मान के मरीजों को टालने के लिए बेड फुल होने का झूठा दावा करते हैं, जिसकी आप वहां मौजूद 'आयुष्मान मित्र' से जांच करा सकते हैं।
  • पोर्टल डाउन होने का बहाना बनाकर मरीज को वापस भेजना पूरी तरह गलत है, अस्पताल को ऑफलाइन क्रेडेंशियल्स नोट करने होते हैं।
  • योजना के तहत भर्ती होने के बाद दवा, डॉक्टर की फीस और सभी जांचें पूरी तरह मुफ्त होती हैं, इनके लिए अलग से पैसे मांगना अवैध है।

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अस्पताल मना करे तो कहां और कैसे करें शिकायत? - फोटो : Adobe stock
अस्पताल मना करे तो कहां और कैसे करें शिकायत?
  • हर सूचीबद्ध अस्पताल में सरकार की तरफ से एक 'आयुष्मान मित्र' तैनात होता है, इलाज में दिक्कत आने पर सबसे पहले उनसे मदद मांगें।
  • अस्पताल द्वारा मना किए जाने पर आप तुरंत सरकार के राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर '14555' या '104' पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
  • आप आयुष्मान भारत योजना की आधिकारिक वेबसाइट (grievance.pmjay.gov.in) पर जाकर दोषी अस्पताल के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं।
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आम इंसान के लिए जरूरी और काम की बातें - फोटो : Amar Ujala
आम इंसान के लिए जरूरी और काम की बातें
  • अगर अस्पताल इलाज से मना करता है, तो वहां के कर्मचारियों की बातचीत का वीडियो बना लें या लिखित में मना करने का कारण मांगें।
  • इलाज के लिए जाने से पहले हमेशा आधिकारिक एप या वेबसाइट पर जाकर चेक कर लें कि वह अस्पताल वर्तमान में योजना में शामिल है या नहीं।
  • कानून और सरकार आपके साथ है, बिना डरे तुरंत जिला चिकित्सा अधिकारी या नोडल एजेंसी को अस्पताल की मनमानी की रिपोर्ट करें।
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