फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

E-20 Fuel :क्या डीजल में एथेनॉल मिलाया जा सकता है? जानें इससे जुड़े सभी जरूरी सवाल

Fri, 17 Jul 2026 08:04 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Can Ethanol Mix With Diesel?: हमारे देश में इन दिनों E-20 पेट्रोल को लेकर चर्चा काफी तेज है। ऐसे में अब बहुत से लोगों के मन में ये सवाल उठ रहा है कि क्या डीजल में भी पेट्रोल मिलाया जा सकता है? आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से समझते हैं।
विज्ञापन
1 of 6
क्या डीजल में एथेनॉल मिश्रण संभव है? - फोटो : AI
E20 Fuel Petrol Blending India: भारत में प्रदूषण को कम करने और महंगे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने के लिए सरकार पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने पर तेजी से काम कर रही है। आज के समय में देश के कई हिस्सों में E-20 ईंधन (20% एथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल) मिलने लगा है। मगर एक आम इंसान के मन में यह सवाल अक्सर उठता है कि क्या पेट्रोल की ही तरह डीजल में भी एथेनॉल मिलाया जा सकता है?

अब क्योंकि देश में भारी गाड़ियां पूरी तरह डीजल पर निर्भर हैं, इसलिए इसका जवाब जानना बेहद जरूरी है। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं कि डीजल में क्या एथेनॉल मिलाया जा सकता है।
विज्ञापन

2 of 6
क्या डीजल में सीधे एथेनॉल मिलाना मुमकिन है? - फोटो : AdobeStock
क्या डीजल में सीधे एथेनॉल मिलाना मुमकिन है?
  • तकनीकी रूप से डीजल में सीधे एथेनॉल मिलाया जा सकता है और इस मिश्रण को वैज्ञानिक भाषा में 'ई-डीजल' कहा जाता है।
  • हालांकि, पेट्रोल के मुकाबले डीजल में एथेनॉल को मिलाना और उसका इस्तेमाल करना काफी ज्यादा कठिन है।
  • दोनों ईंधनों की रासायनिक संरचना और इंजन में काम करने का तरीका एक-दूसरे से बिल्कुल अलग होता है।
विज्ञापन

3 of 6
मिश्रण बनाने में आने वाली सबसे बड़ी तकनीकी चुनौती - फोटो : Adobe Stock
मिश्रण बनाने में आने वाली सबसे बड़ी तकनीकी चुनौती
  • पेट्रोल में एथेनॉल आसानी से घुल जाता है, लेकिन डीजल और एथेनॉल आपस में ठीक से मिक्स नहीं होते हैं।
  • जैसे ही तापमान थोड़ा कम होता है या वातावरण में नमी आती है, एथेनॉल डीजल से अलग होकर नीचे बैठ जाता है।
  • इन दोनों को आपस में बांधकर रखने के लिए एक खास तीसरे केमिकल (इमल्सीफायर) को मिलाना पड़ता है, जो बहुत महंगा होता है।

4 of 6
इंजन के खराब होने और नुकसान का खतरा - फोटो : Adobe Stock
इंजन के खराब होने और नुकसान का खतरा
  • पेट्रोल इंजन में ईंधन को जलाने के लिए स्पार्क प्लग होता है, जबकि डीजल इंजन में भारी दबाव (कंप्रेशन) से ईंधन जलता है।
  • एथेनॉल का 'सीटेन नंबर' बहुत कम होता है, जिसका मतलब है कि यह डीजल इंजन में सही समय पर नहीं जल पाता।
  • इससे इंजन के अंदर भारी आवाज (नॉकिंग) होने लगती है, इंजन की ताकत कम हो जाती है और उसके पुर्जे जल्दी खराब हो सकते हैं।
विज्ञापन

5 of 6
'आइसोब्यूटेनॉल' है भविष्य की नई उम्मीद - फोटो : Adobe Stock
'आइसोब्यूटेनॉल' है भविष्य की नई उम्मीद
  • डीजल में सीधे एथेनॉल मिलाने की इन्हीं दिक्कतों को देखते हुए वैज्ञानिक अब एक नई तकनीक पर काम कर रहे हैं। 
  • इसके तहत एथेनॉल को एक विशेष प्रक्रिया के जरिए 'आइसोब्यूटेनॉल' (Isobutanol) में बदला जाता है।
  • आइसोब्यूटेनॉल की प्रकृति डीजल जैसी ही होती है और यह उसमें आसानी से घुल जाता है। 
  • सरकार अभी इस पर काम कर रही हैं, जिसमें डीजल में 15 प्रतिशत तक मिलाने की तैयारी कर रही है, जिससे इंजन को कोई नुकसान भी नहीं होगा और प्रदूषण भी कम होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
भविष्य की तैयारी और आम आदमी के लिए सलाह - फोटो : AdobeStock
भविष्य की तैयारी और आम आदमी के लिए सलाह
फिलहाल भारत सरकार का पूरा ध्यान पेट्रोल में E-20 को पूरी तरह लागू करने पर है। भारी गाड़ियों के लिए वैज्ञानिक आइसोब्यूटेनॉल के अलावा 'बायोडीजल' (जैसे रतनजोत या जट्रोफा के पौधों से बना तेल) पर भी तेजी से काम कर रहे हैं। जब तक सरकार आधिकारिक तौर पर इसकी अनुमति न दे, तब तक आम ग्राहकों को अपने स्तर पर गाड़ी में ऐसा कोई प्रयोग करने से बचना चाहिए।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें