फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हर कर्मचारी को पता होना चाहिए: क्या कंपनी बिना किसी कारण के आपको निकाल सकती है? जानें अपने अधिकार

Wed, 23 Sep 2026 03:52 PM IST
प्रकाश चंद जोशी यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कंपनी और कर्मचारी के बीच नौकरी खत्म करने के नियम हर स्थिति में एक जैसे नहीं होते। नोटिस, रिट्रेंचमेंट मुआवजा और कर्मचारी की श्रेणी के आधार पर अलग-अलग कानूनी प्रावधान लागू हो सकते हैं। नौकरी करने वाले हर व्यक्ति के लिए यह जानना जरूरी है कि कंपनी उसे कब और किन परिस्थितियों में नौकरी से हटा सकती है या नहीं।
विज्ञापन
1 of 6
क्या कंपनी कर्मचारी को बिना किसी कारण के नौकरी से निकाल सकती है? - फोटो : Amar Ujala AI
अक्सर कर्मचारियों के मन में सवाल रहता है कि क्या कंपनी बिना कोई कारण बताए अचानक नौकरी खत्म कर सकती है? इसका जवाब हर कर्मचारी के लिए एक जैसा नहीं है। नौकरी की शर्तें नियुक्ति पत्र, सेवा नियमों और लागू श्रम कानूनों पर निर्भर करती हैं।

दरअसल, भारत में 21 नवंबर 2025 से चार श्रम संहिताएं लागू हैं। इनमें Industrial Relations Code, 2020 भी शामिल है। इसलिए बतौर कर्मचारी आपके लिए ये जानना जरूरी हो जाता है कि आपकी कंपनी आपको बिना किसी कारण के निकाल सकती है या नहीं। चलिए जानते हैं इससे जुड़े नियमों के बारे में...
विज्ञापन

2 of 6
क्या कंपनी कर्मचारी को बिना किसी कारण के नौकरी से निकाल सकती है? - फोटो : Adobe Stock
रिट्रेंचमेंट के मामले में क्या है नियम?
  • Industrial Relations Code के तहत एक साल या उससे अधिक की लगातार सेवा पूरी कर चुके किसी कर्मचारी को रिट्रेंच करने से पहले कुछ शर्तें पूरी करनी होती हैं
  • ऐसे मामले में सामान्य प्रावधान के तहत कर्मचारी को एक महीने का लिखित नोटिस दिया जाना चाहिए
  • नोटिस में रिट्रेंचमेंट का कारण बताया जाना चाहिए
विज्ञापन

3 of 6
क्या कंपनी कर्मचारी को बिना किसी कारण के नौकरी से निकाल सकती है? - फोटो : Adobe Stock
  • इसके बजाय कंपनी नोटिस अवधि की मजदूरी का भुगतान भी कर सकती है
  • इसके अलावा पात्र कर्मचारी को प्रत्येक पूरी हुई सेवा के वर्ष के लिए 15 दिन के औसत वेतन के बराबर मुआवजा देने का प्रावधान है
  • छह महीने से अधिक की अतिरिक्त सेवा को भी इस गणना में शामिल किया जाता है
  • हालांकि, यह समझना जरूरी है कि हर नौकरी से निकाले जाने को कानून में रिट्रेंचमेंट नहीं माना जाता
  • उदाहरण के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई, निश्चित अवधि के अनुबंध की अवधि खत्म होना या कुछ अन्य परिस्थितियां अलग नियमों के तहत आ सकती हैं

4 of 6
क्या कंपनी कर्मचारी को बिना किसी कारण के नौकरी से निकाल सकती है? - फोटो : Adobe Stock
बड़े प्रतिष्ठानों में अलग प्रावधान
  • कुछ औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर रिट्रेंचमेंट को लेकर अतिरिक्त शर्तें लागू होती हैं
  • Industrial Relations Code में ऐसे प्रतिष्ठानों के लिए, जो संबंधित विशेष प्रावधानों के दायरे में आते हैं
  • एक साल की लगातार सेवा वाले कर्मचरी को रिट्रेंच करने से पहले तीन महीने का लिखित नोटिस या उसके बदले मजदूरी और सरकार से पूर्व अनुमति जैसी शर्तें दी गई हैं
  • इसलिए सिर्फ यह कहना सही नहीं होगा कि हर कंपनी किसी भी कर्मचारी को कभी भी बिना कारण नौकरी से निकाल सकती है
विज्ञापन

5 of 6
क्या कंपनी कर्मचारी को बिना किसी कारण के नौकरी से निकाल सकती है? - फोटो : Adobe Stock
क्या कंपनी कर्मचारी से जबरदस्ती रिजाइन लिखवा सकती है?
  • नहीं, अगर कंपनी आपको निकाल रही है और आपसे रिजाइन लिखने को कह रही है तो ऐसा नहीं करना चाहिए
  • अक्सर कंपनियां ऐसा कर्मचारी को देने वाली अतिरिक्त सैलरी या मुआवजे से बचने के लिए करती है
  • अगर कंपनी आपको निकाल रही है और आपसे रिजाइन मांग रही है, तो कंपनी को कहें कि वो आपको टर्मिनेशन लेटर दे। आप खुद रिजाइन देने से बचें
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
क्या कंपनी कर्मचारी को बिना किसी कारण के नौकरी से निकाल सकती है? - फोटो : Adobe Stock
कर्मचारी को क्या करना चाहिए?
  • अगर कंपनी आपको नौकरी से निकालने का फैसला करती है तो कर्मचारी को सबसे पहले अपना ऑफर या अपॉइंटमेंट लेटर और कंपनी की गाइडलाइंस को देखना चाहिए
  • अगर कंपनी आपको बिना किसी कारण के निकाल रही है, तो आप कानूनी सहायता ले सकते हैं या लेबर कोर्ट जा सकते हैं
  • बस ध्यान रहे कि अपनी सर्विस के सभी डॉक्यूमेंट्स यानी प्रूफ अपने पास जरूर रखें

नोट:- रिट्रेंचमेंट का मतलब किसी कंपनी या संस्थान द्वारा व्यावसायिक कारणों, आर्थिक तंगी, पुनर्गठन या काम की कमी के चलते कर्मचारियों को नौकरी से स्थायी रूप से हटाना या छंटनी करना है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें