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Second Hand Car Tips: पुरानी गाड़ी खरीदते समय कैसे चेक करें एक्सीडेंट हिस्ट्री? यहां जानें तरीके

Tue, 21 Apr 2026 11:39 AM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Accident History Check: अगर आप सेकेंड हैंड कार खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो आपको कार के एक्सिडेंट हिस्ट्री के बारे में जरूर मालूम होना चाहिए। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं कि किन-किन तरीकों से कार की एक्सिडेंट हिस्ट्री चेक कर सकते हैं।
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सैकेंड हैंड कार का एक्सिडेंट हिस्ट्री कैसे चेक करें? - फोटो : Adobe Stock
How To Check Accident History Of Car: अक्सर लोगों के पास कम बजट होने की वजह से पुरानी गाड़ी खरीदना पसंद करते हैं। जब भी लोग पुरानी गाड़ी खरीदते हैं उनके मन में ये सवाल रहता है कि आखिर गाड़ी का कितनी बार एक्सिडेंट हो हुआ है। ज्यादातर मामलों में ये देखने को मिलता है अक्सर विक्रेता एक्सीडेंट की बात छिपा लेते हैं और चमकती पेंट के पीछे डैमेज को ढंक देते हैं। 

एक एक्सीडेंट वाली गाड़ी आपकी सुरक्षा के लिए तो खतरा है ही, साथ ही इसकी रिपेयरिंग खर्च काभी अधिक होती है। इतना ही नहीं एक्सीडेंट वाली गाड़ी रीसेल वैल्यू भी काफी कम होता है। इसलिए पैसे लगाने से पहले कार की बॉडी, डाक्यूमेंट्स और बारीक निशानों की जांच करना बेहद जरूरी है ताकि आप एक सुरक्षित और भरोसेमंद गाड़ी खरीद सकें। आइए इस लेख में समझते हैं कि गाड़ी की एक्सीडेंट कैसे चेक सकते हैं।
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कार को धूप में चेक करें (प्रतिकात्मक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
बॉडी और पेंट की बारीकी से जांच करें
  • कार को धूप में खड़ी करके देखें, अगर किसी एक हिस्से का रंग बाकी गाड़ी से थोड़ा अलग या नया दिखे, तो समझ लें वहां डेंटिंग-पेंटिंग हुई है।
  • बोनट, दरवाजे और डिक्की के बीच का गैप हर तरफ से एक समान होना चाहिए, असमान गैप एक्सीडेंट का सबसे बड़ा संकेत है।
  • दरवाजों के किनारों पर लगी रबर सील हटाकर देखें, अगर वहां वेल्डिंग के निशान या उबड़-खाबड़ लोहा दिखे, तो समझें बड़ा वहां पर रिपेयर हुआ है।
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कार की इंश्योरेंस हिस्ट्री जरूर चेक करें - फोटो : Adobe Stock
दस्तावेजों के मदद से चेक करें एक्सिडेंट की हिस्ट्री
  • कार की इंश्योरेंस पॉलिसी चेक करें और देखें कि पिछले वर्षों में कोई 'नो क्लेम बोनस' मिला है या नहीं, क्लेम हिस्ट्री से एक्सीडेंट का पता चल जाएगा।
  • अधिकृत सर्विस सेंटर से गाड़ी की पूरी हिस्ट्री निकलवाएं, वहां हर बड़े बॉडी वर्क और रिपेयरिंग का ब्यौरा दर्ज होता है।
  • सरकार के 'वाहन' पोर्टल या एप पर गाड़ी का नंबर डालकर चालान और ब्लैकलिस्टिंग स्टेटस जरूर चेक करें।

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कार की टेस्ट ड्राइव जरूर लें - फोटो : Adobe Stock
कांच और टायरों पर दें विशेष ध्यान
  • कार के सभी शीशों पर एक ही मैन्युफैक्चरिंग साल और लोगो होना चाहिए, अगर सभी शीशा पर अलग साल लिखा है इसका मतलब उसे बदला गया है।
  • अगर टायर एक तरफ से ज्यादा घिसे हुए हैं, तो यह कार के अलाइनमेंट और चेसिस में खराबी का संकेत हो सकता है, सामान्यतौर पर ऐसा एक्सिडेंट होने पर ही होता है।
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कार की टेस्ट ड्राइव जरूर लें - फोटो : Adobe Stock
टेस्ट ड्राइव और मैकेनिक की सलाह
  • खाली सड़क पर टेस्ट ड्राइव के दौरान हाथ ढीला छोड़ने पर अगर गाड़ी एक तरफ भाग रही है, तो समझें फ्रेम में दिक्कत है।
  • अगर इंजन से खट-खट की आवाजें आ रही हैं तो इसका मतलब की गाड़ी का इंजन में कुछ खराबी है, जिन्हें नजरअंदाज न करें।
  • इन सब के बाद किसी भरोसेमंद मैकेनिक को साथ ले जाएं, क्योंकि वे चेसिस और इंजन बे के अंदर छिपे वेल्डिंग के निशानों को तुरंत पहचान लेते हैं।
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