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क्या आपको भी ब्लू टिक या वेरिफिकेशन अकाउंट के नाम पर आ रहे हैं काल, कहीं ये ठग तो नहीं

Wed, 30 Sep 2026 01:41 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Blue Tick Scam: अक्सर ऐसा होता है कि जालसाज लोगों के पास फोन करके ब्लू टिक दिलाने का लालच देते हैं। बहुत से लोग इस जाल में फंसकर अपने हजारों रुपये गवां देते हैं। इसलिए आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं कि ब्लू टिक पाने की सही प्रक्रिया क्या है।
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blue tick scam - फोटो : AI
Account Verification Scam: आजकल हर कोई चाहता है कि उनके फेसबुक, इंस्टाग्राम या व्हाट्सएप नाम के आगे एक नीला टिक (ब्लू टिक) लग जाए, जिससे उनका अकाउंट असली और आकर्षक दिखे। लेकिन आपकी इसी चाहत का फायदा उठाकर ठग लोगों को लूट रहे हैं। 

अक्सर ये देखने को मिलता है कि कुछ ठग आपको फोन या मैसेज करके कहते हैं कि वे इन कंपनियों से बोल रहे हैं और बहुत कम पैसों में या बिल्कुल फ्री में आपके नाम के आगे नीला टिक लगवा देंगे। अगर आपके पास भी ऐसा कोई फोन या मैसेज आए, तो तुरंत सावधान हो जाएं क्योंकि यह आपको ठगने का एक बड़ा जाल है, आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं।
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अकाउंट वेरिफिकेशन - फोटो : AI
साइबर ठग कैसे बनाते हैं शिकार
  • ये जालसाज खुद को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का प्रतिनिधि बताकर बात करते हैं।
  • वे आपको भरोसे में लेने के लिए एक फर्जी लिंक भेजते हैं और उसमें आपकी निजी जानकारी भरने को कहते हैं।
  • जैसे ही आप लिंक खोलकर विवरण भरते हैं, आपका अकाउंट उनके नियंत्रण में चला जाता है।
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ओटीपी और पासवर्ड मांगकर खाली कर देते हैं बैंक खाता - फोटो : Adobe Stock
ओटीपी और पासवर्ड मांगकर खाली कर देते हैं बैंक खाता
  • ब्लू टिक का लालच देकर ये अपराधी आपसे ओटीपी या आपके सोशल मीडिया अकाउंट का पासवर्ड मांगते हैं।
  • ओटीपी साझा करते ही न सिर्फ आपका अकाउंट हैक हो जाता है, बल्कि उससे जुड़े आपके बैंक खाते से भी पैसे उड़ा लिए जाते हैं।

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अकाउंट वेरिफिकेशन - फोटो : AI
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के असली नियम समझें
  • याद रखें कि मेटा, इंस्टाग्राम या व्हाट्सएप जैसी कंपनियां कभी भी फोन कॉल करके ब्लू टिक देने का दावा नहीं करती हैं।
  • वेरिफिकेशन की पूरी प्रक्रिया सिर्फ संबंधित एप की आधिकारिक सेटिंग्स में जाकर ही पूरी की जाती है।
  • किसी भी तीसरे पक्ष का दावा पूरी तरह से फर्जी हो सकता है।
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फ्रॉड कॉल आने पर तुरंत करें ये काम - फोटो : Adobe Stock
फ्रॉड कॉल आने पर तुरंत करें ये काम
  • अगर आपके पास ऐसी कोई कॉल आती है, तो बिना कोई जानकारी साझा किए तुरंत फोन काट दें। किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें।
  • धोखाधड़ी की आशंका होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर या आधिकारिक पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज कराएं।
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