फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nomination: बैंक खाते और एफडी में नॉमिनी का नाम न होने पर क्या होता है? जान लें क्या हैं नियम

Wed, 01 Apr 2026 06:41 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

What If No Nominee In Bank Account: अक्सर लोग अपने बैंक अकाउंट या लॉकर में नॉमिनी का नाम दर्ज करना भूल जाते हैं। ऐसे में मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि खाताधारक की मृत्यु के बाद अकाउंट का पैसा किसे मिलेगा? यह एक बेहद महत्वपूर्ण जानकारी है, जिसके बारे में हर किसी को पता होना चाहिए।
विज्ञापन
1 of 5
बिना नॉमिनी बैंक क्लेम प्रक्रिया - फोटो : Adobe Stock
Bank Account Nomination Rules: बैंक खाता खोलते समय या एफडी (FD) कराते समय अक्सर कुछ लोग 'नॉमिनी' के कॉलम को खाली छोड़ देते हैं। मगर यह छोटी सी गलती भविष्य में परिवार के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है। आरबीआई के नए नियमों के अनुसार अगर खाताधारक की मृत्यु के बाद खाते में नॉमिनी का नाम नहीं है, तो जमा राशि पाना एक लंबी और कानूनी लड़ाई बन जाती है।

ऐसी स्थिति में बैंक सीधे पैसा वारिसों को नहीं देते। उन्हें अपनी पहचान साबित करने के लिए कोर्ट से 'उत्तराधिकार प्रमाण पत्र' जैसे कई कागजात बनवाने पड़ते हैं, जिसमें महीनों का समय और काफी पैसा बर्बाद होता है। नॉमिनी होने का फायदा यह है कि बैंक बिना किसी कानूनी अड़चन के पैसा तुरंत सौंप सकता है। आइए विस्तार से समझते हैं कि नॉमिनी न होने पर क्या मुश्किलें आती हैं।
विज्ञापन

2 of 5
बिना नॉमिनी कैसे क्लेम करें? - फोटो : Adobe Stock
नॉमिनी न होने पर आने वाली प्रमुख कानूनी मुश्किलें
  • बिना नॉमिनेशन के फंड रिकवरी की प्रक्रिया काफी दौड़भाग वाली हो सकती है।
  • वारिसों को कोर्ट से अपनी पहचान और हक साबित करने के लिए उत्तराधिकार प्रमाण पत्र सर्टिफिकेट बनवाना होगा, जिसमें 6 से 12 महीने लग सकते हैं।
  • अगर एक से अधिक वारिस हैं और उनके बीच सहमति नहीं है, तो मामला वर्षों तक कोर्ट में खिंच सकता है।
विज्ञापन

3 of 5
नॉमिनी न होने पर बैंक की प्रक्रिया - फोटो : Adobe Stock
नॉमिनी न होने पर बैंक की दावा प्रक्रिया
  • बैंक सभी संभावित कानूनी वारिसों से 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' और क्षतिपूर्ति बॉन्ड (इंडेमनिटी बॉन्ड) की मांग करते हैं।
  • मृत्यु प्रमाण पत्र के अलावा, वंशावली और स्थानीय प्रशासन से सत्यापित वारिसनामा जमा करना अनिवार्य होता है।
  • छोटी राशि (जैसे ₹50,000 तक) के लिए कुछ बैंक सरल प्रक्रिया अपना सकते हैं, लेकिन बड़ी राशि के लिए कोर्ट के आदेश अनिवार्य होते हैं।

4 of 5
नॉमिनी रहने के फायदे - फोटो : Adobe Stock
नॉमिनेशन के फायदे
  • आरबीआई ने अब नॉमिनेशन को लेकर कुछ नई सुविधाएं और नियम लागू किए हैं।
  • अब आप नेट बैंकिंग या मोबाइल एप के जरिए कभी भी नॉमिनी का नाम जोड़ या बदल सकते हैं, इसके लिए ब्रांच जाना जरूरी नहीं है।
  • नए खातों के लिए अब नॉमिनी का नाम देना या 'नो नॉमिनेशन' डिक्लेरेशन देना अनिवार्य कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
नॉमिनी अपडेट कराना जरूरी - फोटो : Freepik
आज ही नॉमिनी का नाम जोड़ें
  • आज के समय में बैंकिंग सिस्टम डिजिटल और पारदर्शी हो गया है, लेकिन 'नॉमिनेशन' जैसा बुनियादी नियम आज भी बहुत महत्वपूर्ण है।
  • आपकी मेहनत की कमाई आपके बाद आपके परिवार के काम आए, इसके लिए जरूरी है कि आप आज ही अपने सभी बैंक खातों, एफडी और लॉकर में नॉमिनी की जांच करें।
  • अगर आपने अभी तक किसी को नॉमिनेट नहीं किया है, तो बिना देरी किए इसे अपडेट कराएं। 
  • यह संकत के समय आपके अपनों को कानूनी पेचीदगियों और मानसिक तनाव से बचा सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें