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ऑटो चलाएं या ई-रिक्शा? जानिए किस वाहन में होगी हर महीने सबसे ज्यादा बचत

Mon, 31 Aug 2026 04:12 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बहुत से लोग जब ई-रिक्शा और ऑटो-खरिदने का मन बना रहे होते हैं, तो उनके दिमाग में इससे जुड़े कई सवाल होते हैं। इसमें एक बड़ा सवाल ये रहता है कि ई-रिक्शा और ऑटो में कमाई के लिहाज से कौन सा ज्यादा अच्छा है। आइए इस लेख में इसी से जुड़े जरूरी सवालों के जवाब समझते हैं।
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ऑटो या ट्री कमाई - फोटो : AI
Auto vs Electric Tricycle Earnings: बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के दौर में हर कोई अपनी आय बढ़ाने के नए और आसान तरीके तलाशता रहता है। ऐसे में सड़कों पर चलने वाले तीन पहिया वाहन जैसे ऑटो रिक्शा और आजकल लोकप्रिय हो रही बैटरी वाली ई-रिक्शा चलाना रोजगार का एक बड़ा जरिया बनता जा रहा है। अक्सर लोगों के मन में ये सवाल रहता है कि इन दोनों में से किस विकल्प को चुनने पर ज्यादा मुनाफा मिल सकता है।

आइए आज हम इस लेख में आसान भाषा में समझते हैं कि दोनों में से कौन सा विकल्प आपके लिए ज्यादा कमाई का सौदा साबित हो सकता है।
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ऑटो रिक्शा की खासियत और कमाई का दायरा - फोटो : Adobe Stock
ऑटो रिक्शा की खासियत और कमाई का दायरा
  • पारंपरिक ऑटो रिक्शा की बाजार में अपनी एक मजबूत पकड़ और डिमांड है।
  • ऑटो की सबसे बड़ी ताकत उसकी रफ्तार और लंबी दूरी तय करने की क्षमता है, जिससे आप शहर के एक कोने से दूसरे कोने तक आसानी से सवारी ले जा सकते हैं।
  • हालांकि, इसमें ईंधन का खर्च, पेट्रोल-सीएनजी की बढ़ती कीमतें और समय-समय पर आने वाला मेंटेनेंस का खर्चा थोड़ा ज्यादा हो सकता है।
  • फिर सामान्य तौर पर ऑटो चलाकर आसानी से औसतन 1000 रुपये से 1500 रुपये तक कमा सकते हैं।
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आधुनिक ई-रिक्शा के फायदे और कम खर्च - फोटो : AI Generated
आधुनिक ई-रिक्शा के फायदे और कम खर्च
  • दूसरी तरफ, बैटरी से चलने वाले आधुनिक ट्री या ई-वाहन कम लागत में बेहतरीन कमाई का जरिया बनते जा रहे हैं।
  • सबसे पहले चीज की ई-रिक्शा को आप ऑटो रिक्शा के लगभग आधे कीमत में खरीद सकते हैं।
  • इन्हें चार्ज करने का खर्च बहुत कम होता है और इसमें इंजन ऑयल या महंगे पार्ट्स बदलने का झंझट नहीं होता है। 
  • यही वजह है कि इनकी दैनिक बचत कई मामलों में ऑटो के मुकाबले काफी ज्यादा निकल आती है, खासकर स्थानीय और छोटी दूरियों की सवारी के लिए।
  • ई-रिक्शा के चालक आमतौर में औसतन एक हजार रुपये तक आराम से कमा सकता है।

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सवारी की मांग और रूट के हिसाब से अंतर - फोटो : AI Generated
सवारी की मांग और रूट के हिसाब से अंतर
  • कमाई इस बात पर भी निर्भर करती है कि आप किस इलाके में गाड़ी चला रहे हैं।
  • अगर आपका रूट लंबी दूरी, हाईवे या व्यस्त रेलवे स्टेशनों का है, तो तेज रफ्तार ऑटो ज्यादा फायदेमंद साबित होता है।
  • वहीं, अगर आप तंग गलियों, लोकल बाजारों या रेजिडेंशियल कॉलोनियों में सवारी ढोते हैं, तो कम खर्च वाला ई-रिक्शा ही आपके लिए बेस्ट है।
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आपके लिए कौन सा विकल्प रहेगा सबसे बेहतर - फोटो : AdobeStock
आपके लिए कौन सा विकल्प रहेगा सबसे बेहतर
  • अगर आपके पास शुरुआती निवेश के लिए अच्छा बजट है और आप शहर में लंबी दूरियों के फेरे लगाकर ज्यादा किराया कमाना चाहते हैं, तो ऑटो एक सुरक्षित विकल्प है।
  • वहीं अगर आप कम खर्च में, बिना प्रदूषण के और आसानी से रोजाना की पक्की कमाई करना चाहते हैं, तो ई-रिक्शा आपके लिए सबसे सही और किफायती साबित हो सकता है।

अस्वीकरण: इस लेख में दिए गए कमाई के आंकड़े और अनुमान केवल संबंधित ड्राइवरों के साथ बातचीत और उनके अनुभवों पर आधारित हैं। संस्थान या लेखक किसी भी प्रकार की निश्चित आय या कमाई का दावा नहीं करते हैं। ऑटो या व्यावसायिक वाहन चलाने में होने वाली कुल आय पूरी तरह से चालक की व्यक्तिगत मेहनत, काम करने के घंटों, इलाके और यातायात की स्थिति पर निर्भर करती है।
 
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