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AI: एआई बन रहा अब फिटनेस ट्रेनर, कब, कैसे और किस तरह करनी है एक्सरसाइज? सब बता रहा

Thu, 27 Apr 2023 12:35 PM IST
संकल्प सिंह यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Artificial Intelligence Fitness Trainer - फोटो : Istock
धीरे-धीरे अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारी लाइफस्टाइल का एक अहम हिस्सा बन रहा है। हमें कब किस से मिलना है? उसको लेकर मीटिंग शेड्यूल करने से लेकर हमें क्या खाना और क्या पीना उसको भी एआई द्वारा निश्चित किया जा रहा है। आने वाले समय में यह ट्रेंड काफी बड़ा होने वाला है। वहीं क्या आपको पता है एआई अब फिटनेस कोच का भी काम करने लगा है। आज के इस व्यस्त जीवन में कई लोगों के लिए जिम में जाकर वर्कआउट करने में काफी समय बर्बाद हो जाता है। ऐसे में कई फिटनेस एप में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को जोड़ा जा रहा है। ऐसे में ये एप्स आपकी क्षमता, लक्ष्यों और उपकरणों को ध्यान में रखकर कस्टमाइज्ड वर्कआउट प्लान बना रहे हैं। इन एआई बेस्ड एप्स की सबसे खास बात यह है कि यूजर का डाटा लेकर उसको बताते हैं कि कौन सा वर्क आउट उनके लिए उपयोगी है और कौन सा नहीं? आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से - 
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Artificial Intelligence Fitness Trainer - फोटो : Istock
एक वर्कआउट सत्र को पूरा करने के बाद ये एआई बेस्ड एप्स अपने आप ही अगले प्रशिक्षण सत्र को कस्टमाइज कर देता है। इन वर्कआउट एप्स में कई शानदार फीचर्स शामिल हैं। 
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Artificial Intelligence Fitness Trainer - फोटो : Istock
वर्कआउट करने के बाद आपको फीडबैक के तौर पर यहां बताना होता है कि एक्सरसाइज करने के बाद आपको कैसा महसूस हो रहा है? आपने कितने समय में वर्कआउट को पूरा किया? आपने कितना वजन उठाया आदि चीजें शामिल हैं। 

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Artificial Intelligence Fitness Trainer - फोटो : Istock
गौरतलब बात है कि फिटनेस और वर्कआउट को अच्छे से कैलकुलेट करने के लिए स्मार्ट वॉच का भी उपयोग किया जा रहा है। इसकी मदद से व्यक्ति के लिए कस्टमाइज नए वर्कआउट को बनाने के लिए उसके हार्ट रेट माइलेज और कैलोरी बर्न जैसे डाटा की मदद ली जा रही है। 
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Artificial Intelligence Fitness Trainer - फोटो : Istock
आज के समय इन वर्कआउट एप्स के पास करोड़ों की संख्या में यूजर्स हैं। ऐसे में लोगों के इतने बड़े डाटा संग्रह होने की वजह से इन एआई बेस्ड एप्स को वर्कआउट प्लानिंग करने में काफी मदद मिल रही है। आने वाले समय में इस तरह के वर्कआउट एप्स और भी ज्यादा एडवांस होंगे, जिनकी मदद से व्यक्ति को उसी के आधार पर और भी अच्छे कस्टमाइज वर्कआउट बनाने में मदद की जा सकेगी। 
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