फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

April Rule 2026: आज से बदल रहे हैं ये 7 बड़े नियम, जान लें आपकी जेब पर इनका क्या पड़ेगा असर

Wed, 01 Apr 2026 07:22 AM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

April 1 Rules Change 2026: आज 1 अप्रैल 2026 है, जो नए वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला दिन है। हर साल की तरह इस बार भी आज से रेलवे, इनकम टैक्स और एटीएम ट्रांजैक्शन समेत आम आदमी की जेब से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
विज्ञापन
1 of 8
1 अप्रैल से बदलने वाले नियम - फोटो : Amar Ujala
New Income Tax Laws India: 1 अप्रैल 2026 से हमारे रोजमर्रा के जीवन और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बड़ा बदलाव हो गया है। नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही केंद्र सरकार, आरबीआई और रेलवे ने बैंकिंग, टैक्स और यात्रा से जुड़े इन नए प्रावधानों को लागू कर दिया है। इन बदलावों का सीधा असर आपकी मासिक बचत, खर्च करने के तरीके और डिजिटल सुरक्षा पर पड़ेगा। 

जहां एक ओर रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन के नियम में बदलाव किया है, वहीं हाईवे पर सफर करना और एटीएम से बार-बार पैसे निकालना अब महंगा साबित हो सकता है। इसके अलावा पैन कार्ड की सुरक्षा और इनकम टैक्स भरने की प्रक्रिया को भी पहले से अधिक ट्रांसपेरेंट और डिजिटल बनाया गया है। इसलिए आइए इन सभी बड़े बदलावों को विस्तार से और आसान भाषा में समझते हैं ताकि आप अपनी वित्तीय योजना को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकें और किसी भी तरह के जुर्माने या असुविधा से बच सकें।
विज्ञापन

2 of 8
रेलवे टिकट कैंसिलेशन के नियम में बदलाव - फोटो : Adobe Stock
1- रेलवे टिकट कैंसिलेशन और रिफंड का नया गणित

रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए कुछ नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के तहत अब कंफर्म टिकट को ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले कैंसिल करने पर ही रिफंड मिल सकेगा। बता दें कि पहले यह समय सीमा 4 घंटे की थी। ये नियम 1 अप्रैल से लागू होंगे। रेलवे का मानना है कि इस नियम से अंतिम समय की अफरा-तफरी कम होगी और खाली सीटें अन्य जरूरतमंद यात्रियों को समय पर मिल सकेंगी।
विज्ञापन

3 of 8
बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा में राहत - फोटो : Adobe Stock
2- बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा में बड़ी राहत

रेलवे के यात्रियों के लिए अच्छी खबर यह है कि अब बोर्डिंग पॉइंट बदलने की समय सीमा बढ़ा दी गई है। अब आप ट्रेन छूटने के निर्धारित समय से मात्र 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन ऑनलाइन बदल सकेंगे। पहले यह सुविधा सिर्फ चार्ट तैयार होने तक ही मिलती थी। अब आखिरी समय में प्लान बदलने पर भी आपकी सीट सुरक्षित रहेगी और सफर पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक होगा।

4 of 8
फास्टैग के एनुअल पास की बढ़ी कीमत - फोटो : Adobe Stock
3- FASTag हुआ महंगा और टोल पर कैश हुआ बंद

अगर आप हाईवे पर गाड़ी चलाते हैं, तो जान लें कि एनएचएआई (NHAI) ने फास्टटैग के सालाना पास की कीमत ₹3,000 से बढ़ाकर ₹3,075 कर दी है। इसके अलावा अब टोल प्लाजा पर कैश से भुगतान की सुविधा पूरी तरह खत्म कर दी गई है। अब आपको अनिवार्य रूप से फास्टटैग, यूपीआई या क्यूआर कोड के जरिए ही डिजिटल पेमेंट करना होगा। कैश की जिद करने पर अब भारी जुर्माना या दोगुनी फीस भरनी पड़ सकती है। ये नियम भी आज से ही लागू होंगे।
विज्ञापन

5 of 8
पैन के नियमों में भी बड़ा बदलाव - फोटो : Amar Ujala
4- पैन कार्ड बनवाने के लिए चाहिए ज्यादा दस्तावेज
पैन कार्ड की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अब सिर्फ आधार कार्ड से काम नहीं चलेगा। नए नियम के तहत अब आवेदन के समय वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या 10वीं की मार्कशीट जैसे अतिरिक्त दस्तावेज देने पड़ सकते हैं। एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब आपके पैन कार्ड पर वही नाम प्रिंट होकर आएगा जो आपके आधार कार्ड में दर्ज है। इससे पहचान की चोरी और फर्जी पैन कार्ड बनवाने जैसी घटनाओं पर लगाम लगेगी।
विज्ञापन

6 of 8
एटिएम में ट्रानजेक्शन - फोटो : Adobe Stock
5. ATM से UPI निकासी अब फ्री ट्रांजैक्शन में शामिल

अब अगर आप बिना कार्ड के एटीएम से यूपीआई (UPI) के जरिए पैसे निकालते हैं, तो सावधान हो जाएं। बैंक अब इन ट्रांजैक्शन को भी आपके महीने के 'फ्री एटीएम ट्रांजैक्शन' की लिमिट में गिनेंगे। इसका मतलब है कि अगर आपकी फ्री लिमिट खत्म हो गई, तो यूपीआई से कैश निकालने पर भी आपको अतिरिक्त चार्ज देना होगा। यह नियम डिजिटल कैश निकासी को विनियमित करने के लिए लाया गया है ताकि बैंकिंग खर्चों को नियंत्रित किया जा सके।
विज्ञापन

7 of 8
डिजिटल पेमेंट (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
6. डिजिटल पेमेंट के लिए 'टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन'

ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने के लिए आरबीआई ने अब हर डिजिटल पेमेंट के लिए सुरक्षा की दूसरी परत अनिवार्य कर दी है। अब हर ट्राजेक्शन पर 'टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन' अनिवार्य होगा। यानी अब ओटीपी के साथ-साथ आपको पिन, बायोमेट्रिक या फेस आईडी का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। हालांकि यूपीआई में पिन और सिम बाइंडिंग के कारण यह सुरक्षा पहले से मौजूद है, लेकिन अब अन्य डिजिटल वॉलेट और पेमेंट गेटवे पर भी इसे सख्ती से लागू किया जाएगा ताकि आपका पैसा किसी भी स्थिति में सुरक्षित रहे।
विज्ञापन

8 of 8
इनकम टैक्स रिटर्न - फोटो : Adobe Stock
7. इनकम टैक्स की नई व्यवस्था और आसान प्रक्रिया

आज से देश में नया इनकम टैक्स कानून प्रभावी हो गया है, जिसने पुराने जटिल सिस्टम की जगह ले ली है। अब 'फाइनेंशियल ईयर' और 'असेसमेंट ईयर' के भ्रम को खत्म कर सिर्फ एक 'टैक्स ईयर' रखा गया है। टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने ITR-3 और ITR-4 भरने की आखिरी तारीख को बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया है। इससे छोटे व्यापारियों और प्रोफेशनल्स को अपना टैक्स रिटर्न सही समय पर और बिना किसी दबाव के भरने का मौका मिलेगा।


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें