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Adoption Rules: बच्चा गोद लेने की कर रहे हैं प्लानिंग? इन बातों का रखें खास ध्यान वरना फंस सकता है कानूनी पेंच

Fri, 17 Apr 2026 05:18 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Adoption Rules In India: हमारे देश में बहुत से लोग बच्चा गोद लेते हैं, लेकिन बहुत से लोग कानूनी पेंच में फंस जाते हैं। ऐसा होने के पीछे का बड़ा कारण है कि लोग गोद लेने के सभी नियमों का पालन नहीं करते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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बच्चा गोद लेते समय भूलकर भी करें ये गलती - फोटो : Adobe Stock
Eligibility For Adopting A Child: भारत में निःसंतान दंपत्तियों या सिंगल पैरेंट्स के लिए बच्चा गोद लेने की एक निश्चित प्रक्रिया है। कई बार लोग भावनाओं में बहकर कानूनी नियमों की अनदेखी करके खुद को ही बड़ी मुसीबत में डाल लेते हैं।  हमारे देश में गोद लेने की पूरी प्रक्रिया 'कारा' (CARA) के माध्यम से नियंत्रित होती है। नियमों के मुताबिक किसी भी तरह का बच्चा गोद लेने के लिए जिला मजिस्ट्रेट की अंतिम मंजूरी लेना बहुत जरूरी है। 

अगर आप भी बच्चा गोद लेने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। जैसे कि सीधे अस्पताल, एनजीओ या किसी व्यक्ति से बच्चा लेना 'मानव तस्करी' की श्रेणी में आ सकता है और ऐसी स्थिति में जेल की सजा भी हो सकती है। इसलिए, यह समझना बहुत जरूरी है कि कानूनी रूप से माता-पिता बनने का सही और सुरक्षित रास्ता क्या है। आइए जानते हैं।
 
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किन परिस्थितियों में बच्चा गोद लेने से फंस सकता है कानूनी पेंच - फोटो : अमर उजाला
किन परिस्थितियों में फंसता है कानूनी पेंच?
  • किसी बिचौलिए, अस्पताल या सोशल मीडिया के जरिए सीधे बच्चा गोद लेना 'मानव तस्करी' माना जाता है, जो एक गंभीर दंडनीय अपराध है।
  • 'कारा' (CARA) पोर्टल पर पंजीकरण के बिना किया गया कोई भी दत्तक ग्रहण अवैध होता है, जिससे भविष्य में बच्चे की कस्टडी पर संकट आ सकता है।
  • सिर्फ स्टैम्प पेपर या नोटरी के जरिए की गई लिखा-पढ़ी कोर्ट में मान्य नहीं होती, इसके लिए डीएम या कोर्ट का आदेश अनिवार्य है।
  • बच्चा गोद लेने के बदले किसी भी प्रकार का नकद या उपहार देना कानूनी पेंच में फंसा सकता है और जेल की सजा दिला सकता है।
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(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
पंजीकरण और कानूनी सावधानियां जरूरी
  • गोद लेने के इच्छुक सभी लोगों को 'कारा' (https://cara.wcd.gov.in/) की वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण करना ही होगा।
  • सिर्फ विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसियों (SAA) के माध्यम से ही बच्चा गोद लें, अवैध संस्थाओं से दूर रहें।
  • गोद लेने की प्रक्रिया के लिए आपके पास कुछ दस्तावेज होना जरूरी है। आय प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, और विवाह प्रमाण पत्र जैसे कागजात पहले से स्कैन करके रखें।

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गोद लेने के लिए पात्रता - फोटो : Adobe stock
गोद लेने के लिए बेसिक पात्रता
  • भावी माता-पिता का शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से पूरी तरह स्वस्थ होना आवश्यक है।
  • परिवार की आय इतनी होनी चाहिए कि वे बच्चे का पालन-पोषण और शिक्षा का खर्च उठा सकें।
  • गोद लेने वाले माता-पिता का कोई भी गंभीर अपराधिक इतिहास नहीं होना चाहिए।
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गोद लेने के उम्र और वैवाहिक स्थिति के नियम - फोटो : Adobe stock
गोद लेने के उम्र और वैवाहिक स्थिति के नियम
  • गोद लेने वाले माता-पिता और बच्चे की उम्र के बीच कम से कम 25 वर्ष का अंतर होना अनिवार्य है।
  • विवाहित दंपत्तियों के लिए उनकी शादी को कम से कम 2 साल पूरे हो चुके होने चाहिए।
  • एक अकेली महिला किसी भी जेंडर (लड़का या लड़की) के बच्चे को गोद ले सकती है।
  • एक अकेला पुरुष केवल 'लड़का' ही गोद ले सकता है; उन्हें लड़की गोद लेने की अनुमति नहीं है।
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बच्चा गोद लेने का सही रास्ता ही सबसे सुरक्षित - फोटो : Adobe Stock
सही रास्ता ही सबसे सुरक्षित विकल्प है
  • बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया थोड़ी लंबी जरूर हो सकती है, लेकिन इस प्रक्रिया का पालन करना बच्चे की भविष्य के लिए बहुत जरूरी है।
  • 'कारा' की प्रतीक्षा सूची के अनुसार ही बच्चों का रेफरल मिलता है, इसलिए धैर्य बनाए रखें।
  • एजेंसी आपके घर आकर वातावरण की जांच करेगी, उसमें पूरी तरह सहयोग करें।
  • किसी भी भ्रम की स्थिति में केवल अधिकृत 'कारा' हेल्पलाइन या कानूनी विशेषज्ञों की ही सलाह लें।
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