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8th Pay Salary Calculator:क्या आप जानते हैं फिटमेंट फैक्टर की गणित? जानें वेतन बढ़ने का कैसे होता है कैलकुलेशन

Tue, 14 Jul 2026 03:20 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

8th Pay Commission Salary: 8वें वेतन को लेकर अधिकारी अलग-अलग शहरों के कर्माचारी संघ के शीर्ष अधिकारियों से मिल रहे हैं। ऐसे में इसको लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, मगर बहुत से लोगों को इससे जुड़े फिटमेंट फैक्टर के बारे में नहीं मालूम है, आइए इस लेख में इसकी सभी गणित को आसान भाषा में समझते हैं।
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8वां वेतन आयोग सैलरी कैलकुलेटर - फोटो : AI
Understand Fitment Factor Formula: सरकारी कर्मचारियों के बीच इन दिनों 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं काफी तेज हो गई हैं। हर कर्मचारी यह जानने को उत्सुक है कि नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद उसकी सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी। आपको बता दें कि केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में होने वाली इस बढ़ोतरी का पूरा दारोमदार 'फिटमेंट फैक्टर' नाम के एक फॉर्मूले पर टिका होता है। 

इसी फॉर्मूले से तय होता है कि आपकी पुरानी बेसिक सैलरी नए वेतनमान में कितनी हो जाएगी। आइए इस लेख में एक उदाहरण के माध्यम से समझते हैं कि फिटमेंट फैक्टर से कैसे अपनी सैलरी कैलकुलेट करते हैं और इसका असली गणित क्या है।
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क्या होता है यह फिटमेंट फैक्टर? - फोटो : AdobeStock
क्या होता है यह फिटमेंट फैक्टर?
  • फिटमेंट फैक्टर कोई थ्योरी का फार्मूला नहीं है, ये सिर्फ एक गुणांक है जिससे आपकी मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई बेसिक सैलरी तय की जाती है।
  • पिछले 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 तय किया गया था, जिसने कर्मचारियों की सैलरी को एक झटके में बढ़ा दिया था।
  • 7वें वेतन लागू होने से छठे वेतन आयोग की 7,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी 2.57 से गुणा होकर राउंड फिगर में सीधे 18,000 रुपये हो गई थी।
  • यही वजह से आज के समय में केंद्र सरकार की बेसिक सैलरी न्यूनतम 18,000 रुपये है। ध्यान रखिए ये सिर्फ बेसिक सैलरी है, इसके बाद इसमें एचआरए और डीए भी जुड़ता है, जिससे सैलरी और बढ़ जाती है।
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8वें वेतन आयोग में कितना बढ़ेगा वेतन? - फोटो : AdobeStock
8वें वेतन आयोग में कितना बढ़ेगा वेतन?
  • बता दें कि वर्तमान में सरकार कर्मचारी संगठनों की मांग है कि 8वें वेतन के लिए फिटमेंट फैक्टर 3.68 होनी चाहिए।
  • अगर सरकार कर्मचारी संगठनों की 3.68 फिटमेंट फैक्टर की मांग पूरी मान लेती है, तो वर्तमान की 18,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर सीधे 66,240 रुपये हो जाएगी।
  • जैसा की चर्चाओं में चल रहा है उसके अनुसार सरकार इसे 2.86 गुना तय कर सकती है यानी (18,000 * 2.86), ऐसे में कर्मचारियों की यही न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर 51,480 रुपये हो जाएगी। 
  • एक चर्चा ये भी है कि 8वें वेतन के बाद न्यूनतम बेसिक सैलरी 26,000 हो सकती है।
  • बता दें कि अगर सरकार सिर्फ न्यूनतम बेसिक सैलरी को 18,000 रुपये से बढ़ाकर 26,000 रुपये करने का लक्ष्य रखती है, तो फिटमेंट फैक्टर को लगभग 1.44 तय करना होगा।

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सरल उदाहरण से समझें अपनी नई सैलरी का गणित - फोटो : AdobeStock
सरल उदाहरण से समझें अपनी नई सैलरी का गणित
  • मान लीजिए 8वें वेतन आयोग में सरकार फिटमेंट फैक्टर 2.86 तय करती है और आपकी अभी की बेसिक सैलरी 20,000 रुपये की है।
  • नए नियम के तहत आपकी नई बेसिक सैलरी निकालने के लिए 20,000 रुपये को 2.86 से गुणा किया जाएगा, जिससे यह सीधे 57,200 रुपये हो जाएगी।
  • इस बढ़ी हुई नई बेसिक सैलरी के आधार पर ही आपके नए महंगाई भत्ते और मकान किराया भत्ते का कैलकुलेशन किया जाएगा।
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भत्तों में बढ़ोतरी से कुल वेतन में बंपर उछाल - फोटो : AdobeStock
भत्तों में बढ़ोतरी से कुल वेतन में बंपर उछाल
  • बेसिक सैलरी बढ़ने का सीधा और बड़ा असर आपके अन्य सभी सरकारी भत्तों पर पड़ता है, जिससे नेट सैलरी में बड़ा उछाल आता है।
  • जब आपकी नई बेसिक सैलरी का आकार बड़ा हो जाएगा, तो उस पर मिलने वाला महंगाई भत्ता (डीए) भी रुपये के मामले में बहुत ज्यादा जुड़ेगा।
  • इसके अलावा, आपकी हर महीने होने वाली भविष्य निधि (पीएफ) और ग्रैच्युटी की बचत भी बढ़ जाएगी, जिससे रिटायरमेंट के समय आपको एक बहुत बड़ा फंड मिल सकेगा।
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