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कौन हैं नीरू ढांडा?: भाई को देखकर बनाया करियर, भारतीय सेना से है नाता; अब एशियाड में किया ऐतिहासिक प्रदर्शन

Tue, 29 Sep 2026 12:31 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय महिला निशानेबाज नीरू ढांडा ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतक इतिहास रच दिया। उन्होंने महिलाओं की ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर इस इवेंट में भारत का 36 साल का पदक सूखा खत्म किया। आइए जानते हैं कौन हैं नीरू ढांडा और किस तरह उन्होंने निशानेबाजी में करियर बनाया...
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नीरू ढांडा - फोटो : PTI
भारतीय महिला निशानेबाज नीरू ढांडा ने आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स में ऐताहासिक स्वर्ण पदक दिलाया है। वह महिलाओं के ट्रैप व्यक्तिगत इवेंट में स्वर्ण जीतने या यूं कहें कोई पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। उन्होंने फाइनल में 30 में 28 शॉट सटीक निशाने पर लगाए। चीन की यूनॉन्ग सुन ने 26 के स्कोर के साथ रजत जीता। इसी के साथ नीरू ने एशियन रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। इससे पहले एशियन रिकॉर्ड 24 पॉइंट का था, जो चीनी ताइपे की वान यू लियू ने 19 जनवरी 2026 को बनाया था। वह इस एशियाड में किसी व्यक्तिगत स्पर्धा में सोना जीतने वाली पहली खिलाड़ी भी बन गईं।
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नीरू ढांडा - फोटो : PTI
मौजूदा एशियाड में जीते हैं दो पदक
नीरू ने मौजूदा एशियन गेम्स में दो पदक जीते हैं। गोल्ड से पहले नीरू ढांडा ने टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता था। नीरू धांडा (118), आशिमा अहलावत (106) और मनीषा कीर (104) की भारतीय टीम ने कुल 328 अंक जुटाकर दूसरा स्थान हासिल किया था। 
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नीरू ढांडा - फोटो : PTI
नीरू के बारे में जानें
नीरू हरियाणा के जींद जिले की रहने वाली हैं और भारतीय सेना की कोर ऑफ मिलिट्री पुलिस में नायब सूबेदार के पद पर तैनात हैं। वह मध्य प्रदेश के महू में आर्मी मार्क्समैनशिप यूनिट में ट्रेनिंग लेती हैं। नीरू एक भारतीय ट्रैप शूटर हैं जो देश की टॉप शॉटगन शूटिंग स्टार्स में से एक बनकर उभरी हैं। 26 साल की नीरू ने आईएसएसएफ विश्व कप के महिला ट्रैप इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रचने में सफलता हासिल की थी।  उन्होंने यह बड़ी कामयाबी इटली के लोनाटो में हुए आईएसएसएफ शॉटगन विश्व कप में हासिल की, जो इंटरनेशनल शूटिंग के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में से एक है। वर्ल्ड कप में अपनी सफलता के अलावा, नीरू बड़े इंटरनेशनल इवेंट्स में भारत की शूटिंग टीम की अहम सदस्य भी रही हैं।

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नीरू ढांडा - फोटो : PTI
किस तरह निशानेबाजी में बनाया करियर
नीरू अपने भाई लक्ष्य और लक्षेश्वरन की वजह से निशानेबाजी में आईं।  ट्रेनिंग के दौरान नीरू पिछले छह-सात महीनों से उनके घर पर ही रह रहकर शूटिंग की ट्रेनिंग पूरी की थीं। इसके बाद नीरू ने भोपाल निशानेबाजी अकादमी में ट्रायल्स दिए और उनका चयन हो गया। एक साधारण बैकग्राउंड से आने और अपने करियर के दौरान आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के बाद नीरू का सफर हिम्मत और दृढ़ संकल्प की एक प्रेरणादायक कहानी के तौर पर देखा जाता है। 
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नीरू ढांडा - फोटो : Twitter
साधारण परिवार से आती हैं नीरू
नीरू एक मध्यमवर्गीय परिवार से हैं। उनके पिता किसान हैं और मां गृहणी हैं। घर के हालात ऐसे नहीं थे कि वो इस खेल को अपना पातीं। नीरू ने एक साक्षात्कार में बताया था कि उनके भाई लक्ष्य और कजिन लक्षेश्वरन ने उनकी बहुत मदद की थी। नीरू ने अब एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर ऐताहिसक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस ओलंपिक से पहले नीरू का ये प्रदर्शन भारत के लिए सकारात्मक संकेत है।
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