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एशियन गेम्स: एशियाड में गोल्ड जीतने वाले 11 साल के यूकी कुरिहारा कौन हैं? स्वर्ण जीतने के बाद क्यों हुए परेशान

Sat, 26 Sep 2026 02:27 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया

सार

जापान के 11 वर्षीय यूकी कुरिहारा ने एशियन गेम्स 2026 में प्यूयो प्यूयो चैंपियंस का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। फाइनल में उन्होंने दक्षिण कोरिया के 24 वर्षीय कांग डोंगशिन को 10-2 से हराया। गोल्ड जीतने के बाद यूकी ने बताया कि वह थोड़े शर्मिंदा महसूस कर रहे थे, इसलिए अपनी खुशी खुलकर जाहिर नहीं कर पाए।
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यूकी - फोटो : Twitter
एशियन गेम्स में आमतौर पर खिलाड़ियों से शानदार प्रदर्शन और कड़े मुकाबले की उम्मीद होती है, लेकिन जापान के 11 साल के यूकी कुरिहारा ने शनिवार को कुछ ऐसा कर दिखाया, जिसने सभी का ध्यान खींच लिया। जापान के इस नन्हे ईस्पोर्ट्स खिलाड़ी ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीत लिया। हालांकि, गोल्ड जीतने के बाद जिस तरह उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी, वह भी चर्चा का विषय बन गई। यूकी ने प्यूयो प्यूयो चैंपियंस के फाइनल में अपने से दोगुना बड़े दक्षिण कोरिया के 24 वर्षीय कांग डोंगशिन को 10-2 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। खास बात यह रही कि पूरे मुकाबले के दौरान वह बेहद शांत नजर आए, लेकिन स्वर्ण जीतने के बाद व्याकुल दिखे। ऐसा क्यों हुआ, आइए जानते हैं...
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यूकी - फोटो : Twitter
कौन हैं 11 साल के यूकी कुरिहारा?
यूकी कुरिहारा जापान के ईस्पोर्ट्स खिलाड़ी हैं और आइची-नागोया एशियन गेम्स में हिस्सा लेने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ियों में माने जा रहे हैं। वह मेजबान देश जापान के एशियन गेम्स इतिहास के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं। चश्मा लगाए यूकी ने प्यूयो प्यूयो चैंपियंस में अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। यह एक पहेली वाला गेम है, जिसमें खिलाड़ियों को अपनी स्क्रीन पर मौजूद अलग-अलग रंगों के ब्लॉब्स को लाइन में लगाकर हटाना होता है। यूकी ने प्राइमरी स्कूल की पहली क्लास में ही प्यूयो प्यूयो खेलना शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने टूर्नामेंटों में हिस्सा लेना और जीतना शुरू कर दिया। इसी साल अप्रैल में उन्होंने प्रो लाइसेंस हासिल किया और नियमित रूप से वयस्क खिलाड़ियों को हराते रहे हैं।
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यूकी - फोटो : Twitter
कैसे जीता एशियन गेम्स का गोल्ड?
यूकी ने ग्रुप ए में अपने सभी प्रारंभिक मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया और शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके बाद नॉकआउट दौर में भी उनका दबदबा जारी रहा। उन्होंने सिंगापुर के जस्टिन कोह मुन जून को 5-0 से हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में थाईलैंड के 28 वर्षीय तनारक वोंगकिटकुन को 10-1 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में उनका सामना दक्षिण कोरिया के 24 वर्षीय कांग डोंगशिन से हुआ। यूकी ने शुरुआती दौर में एक गेम गंवाया, लेकिन इसके बाद उन्होंने मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण कर लिया और 10-2 से जीत दर्ज करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया।

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यूकी - फोटो : Twitter
गोल्ड जीतने के बाद क्यों हुए परेशान?
यूकी ने फाइनल जीतने के बाद भी बड़ी खुशी का इजहार नहीं किया। पोडियम पर भी उन्होंने ज्यादा भाव नहीं दिखाए। गोल्ड जीतने के बाद उन्होंने बताया कि वह वास्तव में थोड़ा परेशान या शर्मिंदा महसूस कर रहे थे। यूकी ने कहा, 'सच कहूं तो मुझे थोड़ी शर्मिंदगी महसूस हो रही थी, इसलिए मैं ज्यादा भाव नहीं दिखा पा रहा था और अपना चेहरा भी ज्यादा नहीं बदल पा रहा था।' इसके बावजूद स्वर्ण पदक को लेकर वह बेहद खुश थे। उन्होंने कहा, 'मैं वास्तव में बहुत खुश हूं। स्वर्ण पदक बहुत सुंदर, चमकदार और भारी है।' यूकी को एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल के साथ एक प्लश टॉय (मैस्कट) भी मिला, जिसे लेकर वह खासे उत्साहित नजर आए। उन्होंने कहा, 'प्लश टॉय भी बहुत प्यारा है और यह भी अच्छा है कि इसका रंग भी गोल्ड जैसा है।'
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यूकी - फोटो : Twitter
फाइनल में यूकी से हारने वाले खिलाड़ी ने भी की तारीफ
कांग डोंगशिन ने फाइनल में हार के बाद यूकी की जमकर तारीफ की। उन्होंने माना कि उनका प्रतिद्वंद्वी उनसे बेहतर था। कांग ने कहा, 'यह स्पष्ट है कि मेरा प्रतिद्वंद्वी कुशल था और मेरे स्तर से ऊपर था।' उन्होंने यूकी की तकनीकी क्षमता और सटीकता की भी तारीफ की। कांग के मुताबिक, वह इसलिए भी सतर्क होकर खेल रहे थे क्योंकि यूकी बड़े चेन रिएक्शन बनाने में बेहद अच्छे हैं। उन्होंने कहा, 'उनकी तकनीकी क्षमता और सटीकता अविश्वसनीय है।'
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यूकी - फोटो : Twitter
पढ़ाई और गेम के बीच संतुलन भी चुनौती
यूकी के लिए गेम खेलना आसान जरूर दिखता है, लेकिन वह पढ़ाई के साथ इसे संभालने की चुनौती का भी सामना करते हैं। उन्होंने एशियन गेम्स से पहले बताया था कि स्कूल और क्रैम स्कूल के साथ इसे संतुलित करना मुश्किल है, लेकिन उन्हें यह काफी मजेदार लगता है। एशियन गेम्स के इतिहास में सबसे कम उम्र के पदक विजेताओं का कोई सार्वजनिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। हालांकि, इंडोनेशिया की बुंगा न्यामास ने 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में 12 साल की उम्र में महिला स्केटबोर्डिंग में कांस्य पदक जीता था।

इसके अलावा चीन की 13 वर्षीय कुई चेनशी ने 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में महिला स्ट्रीट स्केटबोर्डिंग का स्वर्ण जीता था। 11 साल के यूकी ने अब एशियन गेम्स के मंच पर स्वर्ण जीतकर अपनी अलग पहचान बना ली है। सबसे खास बात यह रही कि इतनी बड़ी उपलब्धि के बाद भी उनकी प्रतिक्रिया एक सामान्य बच्चे जैसी ही रही, गोल्ड मेडल की चमक और प्लश टॉय की खुशी उनके लिए खास थी।
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