कबड्डी विश्व कप आज से अहमदाबाद में शुरु हो रहा है। अपना खिताब बचाने के लिए उतरी भारतीय टीम को अमेरिका, जापान, दक्षिणी कोरिया, बंगलादेश, ऑस्ट्रेलिया, ईरान, थाईलैंड, अर्जेंटीना, इंग्लैंड, पोलैंड से पार पाना होगा। टूर्नामेंट के पहले मैच में डिफेंडिंग चैंपियन भारत दक्षिण कोरिया से भिड़ेगा।
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भारत ने 2007 में ईरान को हरा कर कबड्डी विश्व कप जीता था। हालांकि टीम प्रबंधन के लिए सबसे बड़ी समस्या यही है कि भारत में स्टार कबड्डी खिलाड़ी इतने हैं कि किसी एक ड्रॉप कर पाना मुश्किल है। ये 7 खिलाड़ी वर्ल्ड कप में भारत के लिए तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं:
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अनूप कुमार
- फोटो : getty
अनूप कुमार (कप्तान, रेडर)
हरियाणा पुलिस के 32 वर्षीय डीजीपी अपने शांत स्वभाव और दबाव की स्थिति में सहज रहने की क्षमता के कारण कबड्डी के "कैप्टन कूल" के नाम से भी जाने जाते हैं। इसी खूबी के चलते वो भारतीय टीम की कप्तानी के लिए सर्वश्रेष्ट उमीदवार हैं। अनूप प्रो कबड्डी लीग के चार सीजन में यू मुम्बा के कप्तान रहे हैं। उन्हें टीम की जिम्मेदारियों और जरूरतों की अच्छी समझ है। ये खिलाड़ी दाहिने रेडर के रूप में खेलता है। टो-टच इनकी विशेषता है और ज़रूरत के मुताबिक़ सही रणनीति का चुनाव कर खेलना इनके कौशल को दर्शाता है।
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मनजीत छिल्लर
- फोटो : Youtube
मंजीत छिल्लर (उपकप्तान, ऑल राउंडर)
प्रो कबड्डी लीग से एक और दमदार खिलाड़ी हैं 30 वर्षीय मंजीत छिल्लर, जो इस विश्व कप उपकप्तान रहेंगे। खेल की शैली के मामले में छिल्लर एक ऑलराउंडर हैं। प्रो कबड्डी लीग में छिल्लर के सिर्फ 59 मैचों में 400 से अधिक अंक हैं। मंजीत डिफेन्स में टीम की रीढ़ तो हैं ही, जरूरत के वक़्त अपनी ज़बरदस्त रेडों के दम पर टीम को अंक दिलाने और संकट से उबारने की क्षमता भी बखूबी रखते हैं। उनका शारीरिक बल और डिफेंस में मजबूत पकड़ टूर्नामेंट में टीम की स्थिति मज़बूत बनाए रखेगी।
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राहुल चौधरी
- फोटो : Star Sports
राहुल चौधरी (रेडर)
भारतीय कबड्डी का पोस्टर ब्वॉय और तेलुगु टाइटन्स का 23 वर्षीय ये सितारा, यदि अपने पर आ जाये तो अकेले दम पर कोई भी मैच जिताने की क्षमता रखता है। लीग के पुराने संस्करणों में 146 रेड पॉइंट्स और सिर्फ 57 मैचों में 500 से अधिक कुल अंकों के साथ, राहुल एक ऐसा खिलाड़ी है जिसे कोच बलवंत सिंह निश्चित रूप से प्लेइंग-सेवेन में खिलाना चाहेंगे। राहुल की खूबी ये है कि हर बार जब वो रेड के लिए जाते हैं तो टीम के लिए एक से अधिक रेड पॉइंट लाने की क्षमता रखते हैं।
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मोहित छिल्लर
- फोटो : Star Sports
मोहित छिल्लर और सुरेन्द्र नाडा (कवर डिफेंडर्स)
दाएं और बाएं कोनों पर कवर डिफेंडर्स के रूप में खेलती ये जोड़ी विरोधी टीमों के लिए विश्व कप में खतरनाक साबित होगी। दोनों खिलाड़ी एक दूसरे की रणनीति को बखूबी जानते और समझते हैं। इस जोड़ी के 300 से अधिक अंक खुद में एक ऐसा आंकड़ा है जो भारतीय टीम के खिलाफ कबड्डी मैट पर उतरने से पहले ही प्रतिद्वंदी रेडरों के पसीने छुडाने के लिए काफी है।
संदीप नरवाल और दीपक हूडा (ऑलराउंडर जोड़ी)
संदीप नरवाल एक डिफेंसिव-ऑलराउंडर हैं। सशक्त, फुल-बॉडी टैकल्स के लिए मशहूर, इस खिलाड़ी का लीग के 62 गेम्स में 161 टैकल पॉइंट्स और 171 रेड पॉइंट्स का रिकॉर्ड है। प्रो कबड्डी लीग के तीसरे सीज़न में नरवाल को सर्वश्रेष्ठ डिफेंडर घोषित किया गया था।
दीपक हुड्डा को "द मैन विद अ गोल्डन रनिंग हैंड टच" कहा जाता है। टीम को जब भी ज़रूरत होती है, दीपक संकटमोचक का काम करते हैं। 22 वर्षीय इस खिलाड़ी ने 57 मैचों में 391 अंक हासिल किए हैं।