संजीता चानू ने शुक्रवार को गोल्ड कोस्ट में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में भारत को दूसरा गोल्ड मेडल दिलाया। 24 वर्षीया एथलीट ने महिलाओं के 53 किग्रा वर्ग में कुल 192 किग्रा का वजन उठाया। चानू ने स्नैच में 84 किग्रा भार और क्लीन एंड जर्क में 108 किग्रा का भार उठाया। मगर संजीता चानू गोल्ड मेडल जीतने के बावजूद खुश नहीं हैं।
पत्रकारों से बातचीत में मणिपुर की वेटलिफ्टर ने कहा कि वह कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड नहीं तोड़ने से निराश हैं। चानू के हवाले से पीटीआई ने कहा, 'अगर मैं अपना आखिरी लिफ्ट नहीं गिराती तो गेम्स रिकॉर्ड बना देती। मैं ऐसा करना चाहती थी। मैं ऐसा नहीं कर सकी, जिसकी वजह से निराश हूं। मगर मेरे ख्याल से ठीक है। मुझे नहीं पता।'
उन्होंने आगे कहा, 'मैं इस सोच के साथ आई थी कि रिकॉर्ड 112 किग्रा का भार उठाऊंगी। कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड 111 किग्रा है। मुझे लगा कि यह मुश्किल नहीं है। संभवतः भगवान का साथ मुझे नहीं मिला।'
वर्ल्ड चैंपियनशिप्स से पहले चानू को पीठ में चोट लगी थी, वह इस स्पर्धा के लिए 100 प्रतिशत फिर नहीं थीं। उन्होंने कहा, 'यहां आने से पहले मुझे पीठ की चोट की समस्या थी। मैंने सिर्फ 15 दिन इस प्रतियोगिता के लिए ट्रेनिंग की। मैं अभी भी 10 प्रतिशत कम फिट हूं। एरीना के बाहर फिजियो मेरी फिटनेस पर तगड़ा काम कर रहे हैं।'