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ऑटो ड्राइवर की बेटी ने बॉक्सिंग में गोल्ड जीतकर रचा इतिहास, यहां जाने संघर्ष की पूरी कहानी

Tue, 25 Sep 2018 05:40 PM IST
स्पोर्ट्स न्यूज, अमर उजाला
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sandeep kaur
पोलैंड में आयोजित 13वीं इंटरनेशनल सिलेसियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में देश की 16 साल की युवा बॉक्सर संदीप कौर ने गोल्ड मेडल जीता है। बता दें कि संदीप कौर ने बड़ी मुश्किलों से खुद को एक काबिल बॉक्सर बनाया है। पटियाला के हसनपुर गांव से ताल्लुक रखने वाली कौर के पिता सरदार जसवीर सिंह एक ऑटो-रिक्शा चालक हैं।
 
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sandeep Kaur
संदीप कौर के गांव में लोग उनकी बॉक्सिंग को लेकर कभी खुश नहीं थे। गांव वालों ने कई बार कौर के बॉक्सिंग खेलने पर ऐतराज जताया और परिजनों को उनका खेल बंद करवाने की गलत सलाह भी दी।
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sandeep kaur
कौर के एक बेहद सामान्य परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता ऑटो-रिक्शा चलाकर इतना ही कमा पाते थे कि उनका परिवार भूखा न सोए। आर्थिक तंगी से गुजरते हुए भी उन्होंने हमेशा बॉक्सिंग के लिए अपनी बेटी का साथ दिया।

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sandeep kaur
कौर ने बताया कि बॉक्सिंग की प्रेरणा उन्हें अपने अंकल सिमरनजीत सिंह से मिली, जो गांव की एक अकेडमी में बॉक्सिंग किया करते थे। इस बारे में संदीप ने बताया, 'जब मैं बच्ची थी, तब अपने अंकल के साथ गांव के पास स्थित बॉक्सिंग अकेडमी में जाती थी। मैंने वहां कुछ युवा बॉक्सर्स को देखा और धीरे-धीरे इस खेल में मेरी रुचि बढ़ने लगी।'
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sandeep kaur
कौर ने बताया, ' मैंने 8 साल की उम्र में पहली बार बॉक्सिंग ग्लव्स उठाए। उन्हें उनके कोच सुनील कुमार से ट्रेनिंग मिली है। बता दें कि संदीप ने इस बार की इंटरनैशनल सिलेसियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में (52 किग्रा भारवर्ग में) पोलैंड की केरोलिना एम्पुलस्का को 5-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता है।
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