21 अप्रैल 2019 को उसे इस सैंपल के लिए डोप पॉजिटिव घोषित किया गया। खिलाड़ी ने पैनल से कहा कि जब उसके बी सैंपल की रिपोर्ट ही नहीं आई तो उसका दोबारा सैंपल क्यों लिया गया। इस बीच सात अगस्त 2019 को नाडा ने खिलाड़ी को बताया कि उसके सितंबर 2018 के बी सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव है। 20 अगस्त 2019 को वाडा ने एनडीटीएल को प्रतिबंधित कर दिया। ए सैंपल पॉजिटिव आने के बाद बी सैंपल नेगेटिव आने के मामले बिरले होते हैं। वाडा ने एनडीटीएल के जिन चार पॉजिटिव सैंपलों की अपनी लैब में जांच कराई थी वे भी नेगेटिव निकले थे। सनी चौधरी, हॉकी खिलाड़ी जगबीर सिंह, डॉ. पीएसएम चंद्रन के पैनल ने फैसले में नाडा की लताड़ लगाई है। उसने साफ किया है कि वाडा कोड में यह नहीं लिखा है कि बिना सूचना के ऑफिस बुलाकर किसी का सैंपल लिया जाए।