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ऐतिहासिक फैसले में डोपिंग के आरोपों से बरी खिलाड़ी, नाडा ने धोखे में रखकर लिया था सैंपल

Sat, 16 Jan 2021 01:24 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : Social media
नाडा के सुनवाई पैनल ने ऐतिहासिक फैसले में एक पावरलिफ्टर को नाडा के मनमाने रवैये के चलते डोपिंग के आरोपों से मुक्त कर दिया गया। सनी चौधरी की अगुवाई वाले पैनल ने बिना सूचना के पावरलिफ्टर को नाडा ऑफिस बुला उसका सैंपल लिए जाने को मनमाना और गैरकानूनी करार दिया। नाडा ने पावरलिफ्टर को यह कहकर ऑफिस बुलाया कि उसके पहले लिए गए सैंपल के मामले में जांच करनी है। खिलाड़ी को यह नहीं बताया गया कि उसे सैंपल लेने के लिए बुलाया जा रहा है। इस वक्त तक खिलाड़ी के बी सैंपल की रिपोर्ट भी नहीं आई थी। बाद में खुलासा हुआ कि जिस सैंपल के लिए खिलाड़ी को डोप पॉजिटिव करार दिया गया है उसकी बी सैंपल रिपोर्ट में कुछ नहीं निकला है।
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बी सैंपल नेगेटिव आने के बाद लैब हुई प्रतिबंधित

यह मामला अगस्त, 2019 में नेशनल डोप टेस्ट लैबोरेटरी को वाडा की ओर से प्रतिबंधित किए जाने से पहले का है। राघवेंद्र गौड़ का नाडा ने 30 सितंबर 2018 को सैंपल लिया था। 14 जनवरी 2019 को उसे डोप पॉजिटिव बताया गया। खिलाड़ी ने बी सैंपल कराने को कहा। लंबे समय तक उसकी बी सैंपल रिपोर्ट नहीं बताई गई। 29 मार्च 2019 को नाडा ने गौड़ को तेलंगाना से उसी के खर्च पर दिल्ली नाडा ऑफिस जांच की बात कहकर बुलाया। यहां उसका एक बार फिर सैंपल लिया गया।
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पैनल ने नाडा को कटघरे में खड़ा किया

21 अप्रैल 2019 को उसे इस सैंपल के लिए डोप पॉजिटिव घोषित किया गया। खिलाड़ी ने पैनल से कहा कि जब उसके बी सैंपल की रिपोर्ट ही नहीं आई तो उसका दोबारा सैंपल क्यों लिया गया। इस बीच सात अगस्त 2019 को नाडा ने खिलाड़ी को बताया कि उसके सितंबर 2018 के बी सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव है। 20 अगस्त 2019 को वाडा ने एनडीटीएल को प्रतिबंधित कर दिया। ए सैंपल पॉजिटिव आने के बाद बी सैंपल नेगेटिव आने के मामले बिरले होते हैं। वाडा ने एनडीटीएल के जिन चार पॉजिटिव सैंपलों की अपनी लैब में जांच कराई थी वे भी नेगेटिव निकले थे। सनी चौधरी, हॉकी खिलाड़ी जगबीर सिंह, डॉ. पीएसएम चंद्रन के पैनल ने फैसले में नाडा की लताड़ लगाई है। उसने साफ किया है कि वाडा कोड में यह नहीं लिखा है कि बिना सूचना के ऑफिस बुलाकर किसी का सैंपल लिया जाए।
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