18 वर्षीय भारतीय ग्रैंडमास्टर गुकेश डोम्माराजू चीन के डिंग लिरेन को हराकर सबसे कम उम्र के विश्व शतरंज चैंपियन बन गए। गुकेश ने रूस के महान खिलाड़ी गैरी कास्पारोव को पीछे छोड़ा जिन्होंने 1985 में 22 साल की उम्र में यह खिताब जीता था। गुकेश भारत के दूसरे ग्रैंडमास्टर हैं जिन्होंने विश्व खिताब अपने नाम किया है। ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद 2007 से छह साल तक विश्व चैंपियन रहे थे। गुकेश ने डिंग लिरेन को 14वें और आखिरी गेम में हराया और चैंपियन बने। हम आपको दुनिया के छह सबसे युवा चेस चैंपियंस के बारे में बता रहे हैं...
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डी गुकेश
- फोटो : PTI
1. डी गुकेश (भारत)
उम्र (जब पहली बार चैंपियन बने): 18 साल
गुकेश ने गुरुवार को 14वें गेम के अंतिम क्लासिकल टाइम कंट्रोल गेम को जीतने के बाद लिरेन के 6.5 के मुकाबले आवश्यक 7.5 अंक हासिल किए। आखिरी मैच भी टाई ब्रेकर की ओर बढ़ रहा था, लेकिन गुकेश ने लिरेन की एक गलती का फायदा उठाया और मैच अपने नाम कर लिया।
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कास्पारोव
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2. गैरी कास्पारोव (रूस, तब यूएसएसआर)
उम्र (जब पहली बार चैंपियन बने): 22 साल 210 दिन
गैरी कास्परोव 1985 में अनातोली कारपोव को हराकर सबसे कम उम्र के विश्व चेस चैंपियन बने थे। यह एक ऐसा रिकॉर्ड है जिसे उन्होंने डिंग लिरेन पर गुकेश की जीत तक बनाए रखा।
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मैग्नस कार्लसन
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3. मैग्नस कार्लसन (नॉर्वे)
उम्र (जब पहली बार चैंपियन बने): 22 साल, 357 दिन
मैग्नस कार्लसन ने 2013 में चेन्नई में तब के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद को 5-3 से हराकर खिताब अपने नाम किया था। कार्लसन 2022 तक दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी बने रहे। हालांकि, उन्होंने प्रेरणा की कमी का हवाला देते हुए अपना खिताब छोड़ दिया था।
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मिखाइल ताल
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4. मिखाइल ताल (लातविया, तब यूएसएसआर)
उम्र (जब पहली बार चैंपियन बने): 23 वर्ष और 32 दिन
मिखाइल ताल, जिन्हें 'रीगा के जादूगर' के रूप में भी जाना जाता है, 1960 में आठवें विश्व शतरंज चैंपियन बने।
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कारपोव
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5. अनातोली कारपोव (रूस, तब यूएसएसआर)
उम्र (जब पहली बार चैंपियन बने): 23 वर्ष, 10 महीने और 8 दिन
अनातोली कारपोव 1975 में विश्व चैंपियन बने जब बॉबी फिशर ने शतरंज शासी निकाय फिडे की शर्तों के तहत अपने खिताब का बचाव करने से इनकार कर दिया था।