दिव्या काकरान
दिव्या के पिता ने यह भी बताया कि वह दंगल जाकर लंगोट बेचा करते थे, लेकिन इससे अच्छे से परिवार का गुजारा नहीं होता था। दिव्या मजबूत पहलवान थी, लेकिन उसकी देखभाल के लिए पिता दूध की जगह कभी ग्लूकोस भी पिला दिया करते थे। इसके बावजूद नन्हीं दिव्या ऊर्जा से भर जाती थी।