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पहनने को नहीं थे जूते, मगर भारत के लिए लिख दिया इतिहास

Tue, 09 Aug 2016 09:19 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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दीपा करमाकर - फोटो : getty
दीपा करमाकर भारत की ओर से ओलंपिक में भाग लेने वाली पहली महिला जिम्नास्ट हैं। फाइनल के लिए क्वालिफाई करने वाली वो पहली जिम्नास्ट हैं।
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पहनने को नहीं थे जूते, मगर भारत के लिए लिख दिया इतिहास

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दीपा करमाकर - फोटो : getty
अब दीपा के पास मौका है कि वो देश के ही नहीं, बल्कि ओलंपिक के इतिहास में अपना नाम अंकित करवा लें। दीपा ओलंपिक पदक से सिर्फ एक कदम दूर हैं।

 
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दीपा करमाकर - फोटो : getty
दीपा करमाकर ने जब पहली बार किसी जिमनास्टिक प्रतियोगिता में हिस्सा लिया तब उनके पास जूते भी नहीं थे।

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दीपा करमाकर - फोटो : getty
प्रतियोगिता के लिए कॉस्ट्यूम भी उन्होंने किसी से उधार मांगा था जो उन पर पूरी तरह से फ़िट भी नहीं हो रहा था।
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दीपा करमाकर - फोटो : getty
तमाम संघर्षों और आर्थिक तंगी का सामना करने के बाद दीपा करमाकर के पा मौका है कि वो भारत के लिए जिम्नास्टिक में मेडल जीतने वाली पहली खिलाड़ी बने।
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दीपा करमाकर - फोटो : getty
भारत जैसे देश जिसकी जिमनास्टिक में अंतरराष्ट्रीय कामयाबी लगभग ना के बराबर है। इसके खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त फ़ंड भी उपलब्ध नहीं है। वहीं त्रिपुरा की दीपा करमाकर की ये उपलब्धि काफी बड़ी है।
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दीपा करमाकर - फोटो : getty
दीपा ने 2014 के कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीता था। 22 साल की दीपा ने इसी साल अप्रैल में रियो ओलंपिक की टेस्ट इवेंट में 14.833 अंक हासिल कर गोल्ड मेडल जीता था और रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफ़ाई भी किया था।

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दीपा करमाकर - फोटो : getty
छह साल की उम्र से वो जिमनास्टिक कोच बिश्वेशर नंदी के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग कर रही हैं। 2007 के राष्ट्रीय खेलों में शानदार प्रदर्शन के बाद दीपा का हौसला और बढ़ा।

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दीपा करमाकर - फोटो : getty
जन्म से दीपा के फ़्लैट पैर हैं जो जिमनास्टिक जैसे खेल के लिए बड़ी बाधा है क्योंकि छलांग के बाद ज़मीन पर लैंड करते वक़्त संतुलन बनाने में बड़ी बाधा आती है।

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दीपा करमाकर - फोटो : getty
पिछले साल हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में उन्होंने प्रोडूनोवा जिमनास्ट में आख़िरी पांच में जगह बनाई और अंतरराष्ट्रीय जिमनास्टिक संघ ने उन्हें विश्व स्तरीय जिमनास्ट की श्रेणी में रखा।
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साल 2010 में भारत के आशीष कुमार ने कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई खेल में जब मेडल जीता तो एकाएक लोगों का ध्यान भारत में भी जिमनास्टिक की ओर गया।
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