फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कासाब्लांका चेस वैरिएंट: कार्लसन बने विजेता, आनंद को तीसरा स्थान; विश्वनाथन ने मैग्नस से दूसरी बाजी ड्रॉ खेली

Mon, 20 May 2024 08:19 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कासाब्लांका (मोरक्को)।

सार

यह अनोखा टूर्नामेंट नए प्रयोग पर आधारित था। इसमें शतरंज की दुनिया के ऐतिहासिक मुकाबलों की बराबरी की पोजीशन को चारों खिलाडिय़ों के सामने रखा गया। उन्हें दी गई पोजीशन से खेल शुरू कर मुकाबला आगे बढ़ाना था।
विज्ञापन
1 of 3
विश्वनाथन आनंद और मैग्नस कार्लसन - फोटो : PTI
पांच बार के विश्व चैंपियन और विश्व नंबर एक नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन ने कासाब्लांका चेस वैरिएंट टूर्नामेंट जीत लिया है। वहीं, पांच बार के विश्व विजेता भारतीय ग्रैंड मास्टर विश्वनाथन आनंद तीसरे स्थान पर रहे। आनंद की टूर्नामेंट में कार्लसन के साथ दूसरी बाजी ड्रॉ समाप्त हुई। आनंद ने मिस्र के अमीन बासेम को हराया। यह उनकी टूर्नामेंट में एकमात्र जीत रही। कार्लसन ने छह दौर में साढ़े चार और आनंद ने तीन अंक हासिल किए। अमेरिका के हिकारु नाकामुरा साढ़े तीन अंक के साथ दूसरे और बासेम एक अंक के साथ चौथे और अंतिम स्थान पर रहे।
विज्ञापन

2 of 3
विश्वनाथन आनंद और मैग्नस कार्लसन - फोटो : PTI
सफेद मोहरों से कार्लसन से ड्रॉ खेले आनंद
यह अनोखा टूर्नामेंट नए प्रयोग पर आधारित था। इसमें शतरंज की दुनिया के ऐतिहासिक मुकाबलों की बराबरी की पोजीशन को चारों खिलाडिय़ों के सामने रखा गया। उन्हें दी गई पोजीशन से खेल शुरू कर मुकाबला आगे बढ़ाना था। पहले दौर में कार्लसन ने आनंद को हराया था, लेकिन दूसरे दौर में अलेक्जेंडर अल्काइन और डॉ. मैक्स यूवे के बीच 1935 में हुई विश्व चैंपियनशिप की तीसरी बाजी की पोजीशन को लिया। आनंद यहां सफेद मोहरों से बेहतर स्थिति में थे, लेकिन कार्लसन ने अपने रुक (हाथी) का बलिदान देते हुए बाजी को ड्रॉ की ओर मोड़ दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

3 of 3
अंक तालिका - फोटो : PTI
कार्लसन ने प्रारूप को मनोरंजक बताया
पांचवें दौर में नाकामुरा और आनंद की बाजी भी ड्रॉ रही, वहीं कार्लसन ने अमीन को हराया। छठ दौर में कार्लसन-नाकामुरा ने ड्रॉ खेला और आनंद ने अमीन को हराया। कार्लसन ने जीत के बाद कहा कि यह एक मनोरंजक प्रारूप था। वह इसे दोबारा जरूर आजमाना चाहेंगे। मजेदार बात यह थी कि यहां यह फर्क नहीं पड़ रहा था कि आप सफेद या काले मोहरों से खेल रहे हैं, क्योंकि पोजीशन बराबरी वाली थीं और दोनों के ही पास समान मौके थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें