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गोल मिस हो जाने पर ऐसी हो जाती थी बगदादी की हालत, पैसे के लिए बना था फुटबॉल कोच

Tue, 29 Oct 2019 10:13 AM IST
Rohit Ojha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बगदादी - फोटो : सोशल मीडिया
अबू बकर अल-बगदादी इस्लामिक स्टेट यानी में आईएसआईएस का सरगना मारा गया। बगदादी की मौत का एलान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोमवार को किया। ट्रंप ने दुनिया को बताया कि अमेरिका के स्पेशल फोर्स के एक ऑपरेशन के दौरान बगदादी ने खुद को बम वाला जैकट बांधकर उड़ा लिया। 48 साल के बगदादी ने  पूरी दुनिया को आतंकवाद की एक अगल ही खौफनाक तस्वीर दिखाई। कहा जाता है कि उसे दो चीजों में बेहद ही दिलचस्पी थी और वह है धर्म और फुटबॉल। धर्म के नाम पर उसने जो किया उसे पूरी दुनिया देख चुकी है, बगदादी के फुटबॉल प्रेम के बारे में कुछ जानते हैं।
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बगदादी, आईएसआईएस - फोटो : SELF
बागदादी का जन्म मध्य इराक के सामरा जिले के अल जल्लाम में हुआ था। साल 1991 में सामरा हाई स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद बगदादी की दिलचस्पी फुटबॉल में बढ़ी और वह फुटबॉल खेलने लगा। कहा जाता वह स्ट्राइकर था और उसके के खेल का सबसे पसंदीदा हिस्सा वह होता जब वह जब वह गोल दागता। वह एक स्थानीय फुटबॉल क्लब के लिए कुछ समय तक जुड़ा भी रहा।
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बगदादी - फोटो : ANI
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार फुटबॉल को अपनी किक से गोल पोस्ट के भीतर नहीं मार पाने के बाद वह बेहद ही निराश हो जाता, जो एक खिलाड़ी के लिए स्वभाविक भी है, लेकिन बगदादी की निराशा हताशा में बदल जाती थी।
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बगदादी - फोटो : self
यूनिवर्सिटी की पढ़ाई के लिए बगदादी बगदाद गया, जहां वह अपनी पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए एक फुटबॉल टीम को कोचिंग देता था। फरवरी 2004 में अमेरिका ने इराक के फलुजा से बगदादी को गिरफ्तार किया था बगदादी को बक्का स्थित नजरबंदी शिविर में 10 महीने तक कैद रखा गया। जहां लोग फुटबॉल खेलने में उसकी काबिलियत को देखकर उसे ‘मैराडोना’ पुकारते थे।
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