अभिषेक वर्मा गोल्ड
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बनना चाहते थे आईएएस अधिकारी:
पिस्तौल उठाकर निशानेबाजी के खेल में उतरने से पहले हरियाणा के अभिषेक ने कंप्यूटर के क्षेत्र में हाथ अजमाने से लेकर प्रसाशनिक अधिकारी बनने तक की भी कोशिश की।
बतौर अभिषेक, 'मैंने कंप्यूटर साइंस में बीटेक की पढाई की लेकिन जो सोच के किया वो मजा नहीं आया। फिर मैंने यूपीएससी की तैयारी की लेकिन वो बहुत मुश्किल था। उसके बाद मैंने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से लॉ की पढाई की क्योंकि मेरे पिता हरियाणा में जज हैं। इसी दौरान मैंने शौकिया तौर पर निशानेबाजी शुरू की।
फिर धीरे-धीरे मैंने इस खेल को अपना जूनून बना लिया और इसे ज्यादा गंभीरतापूर्वक लेने लगा। कुछ दिन बाद गुडगाँव आ गया जहां शूटिंग अकादमी से जुड़ा और कोचिंग लेनी शुरू की और बड़े स्तर पर खेलने लगा।
अभिषेक वर्मा ने बड़े ही कम समय में भारत के दिग्गज शूटरों को पीछे छोड़ दिया और कई खिताब अपने नाम कर लिए।