गत चैंपियन भारतीय महिला हॉकी टीम एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब बचाने में नाकाम रही। लीग चरण में अजेय रही भारतीय टीम को दक्षिण कोरिया ने 1-0 से हराकर खिताब पर कब्जा कर लिया। सुनीता लाकड़ा की अगुआई वाली भारतीय टीम को रविवार को उपविजेता बनकर ही संतोष करना पड़ा।
विजेता टीम के लिए एकमात्र और विजयी गोल 24वें मिनट में यंगसिल ने दागा। कोरिया ने तीसरी बार इस ट्रॉफी पर कब्जा किया। वह इससे पहले 2010 और 2011 में विजेता रह चुका है। 2013 में भी भारत को जापान से हारकर उपविजेता बनकर ही संतोष करना पड़ा था।
दक्षिण कोरिया ने गजब का रक्षात्मक खेल दिखाया और भारत को चारों खाने चित कर दिया। पहले क्वार्टर में दक्षिण कोरिया के पास बढ़त लेने का शानदार मौका था लेकिन भारतीय महिलाओं की मुस्तैदी से ऐसा नहीं हो सका। दूसरे क्वार्टर में कोरिया ने शुरू से ही हमले तेज कर अपना दबदबा बना लिया और दो मिनट के भीतर तीन पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किए। हालांकि भारतीय गोलकीपर सविता ने शानदार बचाव कर उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
24वें मिनट में यंगसिल ने भारतीय डिफेंस को भेदते हुए कोरिया को बढ़त दिला दी जोकि निर्णायक साबित हुई। इसके बाद भी कोरिया ने गोल करने के कई मौके बनाए पर भारतीय गोलकीपर सविता ने उन्हें नाकाम कर दिया।
वंदना प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट : भारतीय स्ट्राइकर वंदना कटारिया को प्लेयर ऑफ टूर्नामेंट घोषित किया गया। युवा लालरेम्सियामी को टूर्नामेंट की उदीयमान खिलाड़ी घोषित किया गया।