ग्लास्गो के कॉमनवेल्थ गेम्स में जब रेफरी ने मुकाबला खत्म होने का संकेत दिया तो भारत के 23 वर्षीय जूडोका हर्ष सिंह ने राहत की लंबी सांस ली। कुछ ही सेकंड बाद तिरंगा उनके कंधों पर था और इतिहास उनके नाम। पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक जीतने के साथ हर्ष सिंह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जूडो के पुरुष वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए।
यह सिर्फ एक खिलाड़ी की जीत नहीं थी, बल्कि भारतीय जूडो के उस लंबे इंतजार का अंत था, जो वर्षों से किसी पुरुष खिलाड़ी के स्वर्ण का सपना देख रहा था। ग्लास्गो में हर्ष ने यह साबित कर दिया कि बड़े चैंपियन एक दिन में नहीं बनते। उनके पीछे वर्षों का संघर्ष, अनगिनत अभ्यास सत्र, हार के बाद दोबारा उठने का साहस और खुद पर अटूट भरोसा छिपा था।