कुवैत के खिलाफ छह जून को होने वाले विश्व कप क्वालिफाइंग मैच के लिए भारत की 27 सदस्यीय फुटबाल टीम का एलान कर दिया गया है जिसमें फॉरवर्ड पार्थिब गोगोई और डिफेंडर मोहम्मद हम्माद चोट के कारण बाहर हैं। भारत और कुवैत के बीच मुकाबला कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में खेला जाएगा।
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छेत्री का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच
अनुभवी स्ट्राइकर सुनील छेत्री का यह आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच होगा। छेत्री ने भारत के लिए सर्वाधिक 94 गोल किए हैं। यह उनका 151वां मैच होगा। भारतीय टीम जीत के साथ उन्हें विदा करना चाहेगी। छेत्री के संन्यास से भारतीय फुटबॉल के एक युग का अंत हो जाएगा। वह 2011 से टीम इंडिया के कप्तान हैं। बाइचुंग भूटिया के संन्यास लेने के बाद उन्हें कप्तान बनाया गया था। तब से अब तक वह यह जिम्मेदारी संभालते नजर आए हैं।
हालांकि, 39 साल की उम्र में भी अभी वह काफी फिट दिखते हैं और पिछले दो साल में कई रिकॉर्ड को धराशाई किया है। ऐसा कहा जा रहा था कि छेत्री ने बढ़ती उम्र, फिटनेस और थकान की वजह से संन्यास लिया है। अब छेत्री ने इन सभी रिपोर्ट्स को खारिज करते हुए खुद ही संन्यास के पीछे की वजह का खुलासा किया है। छेत्री ने कहा है- संन्यास के फैसले के पीछे शारीरिक कारण नहीं, बल्कि मानसिक पहलू है। मैं अभी भी फिट हूं।
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छेत्री ने कहा- अभी भी काफी फिट हूं
छेत्री ने कहा, 'संन्यास का फैसला शारीरिक कारणों से नहीं लिया। मेरी फिटनेस अच्छी है और अभी भी दौड़ रहा हूं। डिफेंड कर रहा हूं, मेहनत करना मुश्किल नहीं है। यह फैसला मानसिक पहलू को ध्यान में रखकर लिया है।' छेत्री ने हालांकि मानसिक स्वास्थ्य के मसले पर ज्यादा कुछ नहीं बताया। मौजूदा दौर में विभिन्न खेलों में यह खिलाड़ियों के बीच चिंता का विषय बना हुआ है। विराट कोहली समेत कई दिग्गज एथलीट्स के मानसिक स्वास्थ्य पर बात कर चुके हैं।
छेत्री ने कहा, 'मैं खुद से लड़ रहा था। समग्र रूप से सोचने की कोशिश कर रहा था और अचानक यह फैसला लिया। एक साल बेंगलुरू एफसी के लिए खेलूंगा। घरेलू फुटबॉल कब तक खेलूंगा इस बारे में पता नहीं है। उसके बाद ब्रेक लूंगा।' यह पूछे जाने पर कि क्या बतौर खिलाड़ी करियर खत्म होने के बाद क्या अब वह वह कोचिंग के बारे में सोचेंगे? छेत्री ने कहा, 'मैं कभी न नहीं कहूंगा। ब्रेक के दौरान इस पर सोचूंगा, लेकिन अभी यह मेरे एजेंडे में प्राथमिकता नहीं है।