भारत की नंबर एक बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू का विश्वचैंपियनशिप बैडमिंटन में गोल्ड मेडल जीतने का सपना टूट गया। तीन गेम और 110 मिनट तक चले मैराथन मुकाबले में सिंधू को नोजोमी ओकुहारा ने 19-21, 22-20, 20-22 से शिकस्त झेलना पड़ी। दोनों खिलाड़ियों ने अंत तक हार नहीं मानी। दोनों के बीच एक-एक अंक के लिए आखिर तक लड़ाई चलती रही।
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गोल्ड मेडल से चूकने के बाद बोलीं सिंधू- मेरे पास कहने को शब्द नहीं!
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सिंधू
- फोटो : twitter
मैच के बाद सिंधू ने कहा, 'ये किसी का भी मैच था। मैं हार से निराश हूं। पहले ही गेम से हम दोनों के लिए एक-एक पॉइंट बहुत महत्वपूर्ण था, फिर चाहे मैंने बढ़त हासिल कर रखी हो या फिर जापानी शटलर ने। ये मुकाबला कभी भी एकतरफा नहीं रहा। बड़ी रैली हुई और ओकुहारा ने कभी हार नहीं मानी, इसलिए हर एक पॉइंट महत्वपूर्ण था। तीसरे गेम में 20-20 से स्कोर बराबर था और वो किसी के भी पक्ष में जा सकता था।'
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गोल्ड मेडल से चूकने के बाद बोलीं सिंधू- मेरे पास कहने को शब्द नहीं!
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pv sindhu
सिंधू ने आगे कहा, 'मेरे पास कहने के लिए कोई शब्द नहीं है और हारने से काफी निराश हूं क्योंकि मेरा इरादा जीतने का था, लेकिन अंत में सब बदल गया। सिल्वर मेडल पाकर खुश हूं, लेकिन गोल्ड नहीं जीतने का मलाल है।'
गोल्ड मेडल से चूकने के बाद बोलीं सिंधू- मेरे पास कहने को शब्द नहीं!
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पीवी सिंधू
- फोटो : rediff
सिंधू ने साथ ही कहा कि ओकुहारा के खिलाफ खेलना हमेशा मुश्किल होता है और हर बार लंबी रैली का खेल होता है। इस बार मैच का नतीजा अच्छा नहीं रहा। उन्होंने कहा, 'उनके खिलाफ खेलना कभी आसान नहीं होता। हमेशा बड़ी रैली का खेल होता आया है। मैंने उन्हें आसान प्रतिद्वंद्वी नहीं माना और लंबे मैच के लिए अपने आप को तैयार कर रखा था, लेकिन दुर्भाग्यवश मैं हार गयी। यह मेरा दिन नहीं था। हम दोनों ने हर पॉइंट के लिए लड़ाई की और दोनों काफी थक भी गए थे। मैच काफी अच्छा रहा।'
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पीवी सिंधू
- फोटो : AP
सिंधू ने साथ ही कहा कि वो और ओकुहारा दोनों मजबूत शटलर्स हैं और फिटनेस के मामले में कोई पीछे नहीं हैं। भारतीय शटलर ने कहा, 'हम दोनों मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत हैं और मुझे पता था कि वो कोई पॉइंट नहीं गंवाना चाहेंगी। फिटनेस की बात की जाए तो जापानी खिलाड़ी हमेशा मजबूत रहे हैं। बड़े टॉस और धीमे ड्रॉप्स मैं इन सभी के लिए तैयार थी। मैं भले ही तीसरे गेम में पिछड़ी, लेकिन दमदार वापसी की। बस अंत में चीजें मेरे लिए सही नहीं हुई।'