पेरिस ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अरशद नदीम का ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में निराशाजनक प्रदर्शन अब पाकिस्तान में चर्चा का विषय बन गया है। उनके दो मेंटर्स ने खराब तैयारी, लापरवाही और पर्याप्त ट्रेनिंग नहीं करने को इसकी बड़ी वजह बताया है। उनका मानना है कि अरशद को वापसी के लिए फिर से कड़ी मेहनत करनी होगी।
पेरिस ओलंपिक 2024 के स्वर्ण पदक विजेता पाकिस्तान के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी अरशद नदीम का ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में खराब प्रदर्शन अब सवालों के घेरे में है। उनके दो पूर्व मेंटर्स ने साफ कहा है कि पर्याप्त ट्रेनिंग नहीं करना और लापरवाही बरतना उनकी नाकामी की बड़ी वजह रही। दोनों का मानना है कि अगर अरशद को दोबारा शीर्ष स्तर पर लौटना है तो उन्हें पहले की तरह कड़ी मेहनत करनी होगी।
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अरशद नदीम और नीरज चोपड़ा
- फोटो : IANS
फाइनल में रहे नौवें स्थान पर
92.97 मीटर का ओलंपिक रिकॉर्ड थ्रो करने वाले अरशद नदीम इस बार राष्ट्रमंडल खेलों में पूरी तरह फीके नजर आए। उन्होंने क्वालिफिकेशन में 78.63 मीटर का थ्रो कर किसी तरह फाइनल में जगह बनाई, लेकिन फाइनल में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रयास 77.41 मीटर ही रहा। वह 12 खिलाड़ियों में नौवें स्थान पर रहे और पदक की दौड़ में भी शामिल नहीं हो सके। इस स्पर्धा का स्वर्ण श्रीलंका के रुमेश थरंगा पाथिराजे ने 89.75 मीटर के थ्रो के साथ जीता। भारत के नीरज चोपड़ा ने रजत और यशवीर सिंह ने कांस्य पदक अपने नाम किया।
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अरशद नदीम
- फोटो : IANS
'ओलंपिक गोल्ड के बाद लोगों ने उन्हें घेर लिया'
अरशद नदीम को शुरुआती दौर में आगे बढ़ाने वाले पाकिस्तान एथलेटिक्स महासंघ के पूर्व अध्यक्ष अकरम साही ने कहा, 'ओलंपिक स्वर्ण जीतने के बाद कुछ लोगों ने अरशद को अपने घेरे में ले लिया और मुझे उनसे मिलने तक नहीं दिया। ग्लास्गो का यह परिणाम बेहद निराशाजनक है। पिछले कुछ महीनों से ही संकेत मिल रहे थे कि उनकी ट्रेनिंग में कमी और लापरवाही है।'
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अरशद नदीम
- फोटो : IANS
हज के बाद नहीं कर पाए सही तैयारी
अरशद के एक अन्य मेंटर, जिन्होंने अपना नाम सार्वजनिक नहीं किया, ने भी साही की बात से सहमति जताई। उन्होंने कहा, 'अरशद नदीम कुछ हद तक आत्मसंतुष्ट हो गए थे। हमने देखा कि उनकी ट्रेनिंग पर्याप्त नहीं थी। इस साल हज यात्रा के बाद भी उन्होंने सही तरीके से अभ्यास नहीं किया।' उन्होंने याद दिलाया कि पेरिस ओलंपिक से पहले दक्षिण अफ्रीका के कोच टर्सियस लीबेनबर्ग के मार्गदर्शन और नॉर्थ-वेस्ट यूनिवर्सिटी में ट्रेनिंग का उन्हें काफी फायदा मिला था।
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अरशद नदीम
- फोटो : IANS
'सरकार का इंतजार करने के बजाय खुद निवेश करना चाहिए था'
मेंटर ने कहा कि ओलंपिक के बाद करोड़ों रुपये के इनाम मिलने के बावजूद अरशद ने अपनी ट्रेनिंग पर पर्याप्त निवेश नहीं किया। उन्होंने कहा, 'अरशद को सरकार या महासंघ के इंतजार में नहीं बैठना चाहिए था। उन्हें अपनी कमाई का इस्तेमाल खुद की ट्रेनिंग और विदेश में अभ्यास पर करना चाहिए था।'
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अरशद नदीम
- फोटो : IANS
कोच और कारोबार पर भी उठे सवाल
मेंटर ने अरशद के मौजूदा कोच सलमान बट पर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि सलमान बट भाला फेंक के विशेषज्ञ नहीं हैं और इसका असर खिलाड़ी के प्रदर्शन पर पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि ओलंपिक के बाद मिले करीब 30 करोड़ पाकिस्तानी रुपये के इनाम के बाद अरशद अपने गृह नगर मियां चन्नू में मैरिज हॉल और रेस्तरां जैसे कारोबारी प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हो गए, जिससे उनका ध्यान खेल से भटका।
प्रशंसकों ने भी जताई नाराजगी
खेल विश्लेषक अहसान मुनीब ने भी अरशद की तैयारी पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि उन्हें सिर्फ आर्थिक पुरस्कार देने के बजाय जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका या इंग्लैंड जैसे देशों में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और विदेशी कोच की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में अरशद के लिए पहले जैसी वापसी करना आसान नहीं होगा।