पाकिस्तान भले ही अपने भाला फेंक ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अरशद नदीम को नकद पुरस्कारों और अन्य बहुमूल्य पुरस्कारों से नवाज रहा हो, लेकिन उनके ससुर ने ग्रामीण परवरिश और परंपरा के साथ मेल खाते हुए उन्हें भैंस उपहार में देने का फैसला किया है। मोहम्मद नवाज ने रविवार को नदीम के गांव में स्थानीय मीडिया को बताया कि उनके गांव में भैंस उपहार में देना ‘बहुत मूल्यवान’ और ‘सम्मानजनक’ माना जाता है।
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अरशद नदीम-नीरज चोपड़ा
- फोटो : PTI
नदीम ने पेरिस में भाला फेंक स्पर्धा में 92.97 मीटर के ओलंपिक रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता जिसमें भारत के नीरज चोपड़ा दूसरे स्थान पर रहे। नवाज ने कहा, 'नदीम को अपनी जड़ों पर बहुत गर्व है और सफलता के बावजूद, उनका घर अब भी उनका गांव है और वह अब भी अपने माता-पिता और भाइयों के साथ रहते हैं।'
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अरशद नदीम
- फोटो : Twitter
उनके ससुर ने बताया कि उनके चार बेटे और तीन बेटियां हैं और उनकी सबसे छोटी बेटी आयशा की शादी नदीम से हुई है। नवाज ने कहा, 'जब हमने छह साल पहले अपनी बेटी की शादी नदीम से करने का फैसला किया तो उस समय वह छोटी मोटी नौकरियां करता था। लेकिन अपने खेल के प्रति बेहद जुनूनी था और घर व खेतों में लगातार भाला फेंकने का अभ्यास करता था।'
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अरशद नदीम और नीरज चोपड़ा
- फोटो : Amar Ujala
नदीम ने पांच लीगल थ्रो किए, इनमें से दो प्रयास उनके 90+ मीटर के रहे। नदीम का आखिरी प्रयास 91.79 मीटर का रहा। नदीम ने पहला प्रयास में फाउल किया था। वहीं, तीसरे प्रयास में उन्होंने 88.72 मीटर थ्रो, चौथे प्रयास में 79.40 मीटर थ्रो और पांचवें प्रयास में 84.87 मीटर थ्रो किया। वहीं, नीरज के दूसरे प्रयास (89.45 मीटर) के अलावा बाकी सभी प्रयास फाउल रहे।
अरशद के लिए स्वर्ण तक का सफर आसान नहीं रहा है। उन्होंने कई चुनौतियों का सामना किया है। उनके निजी जीवन में भी कई कठिनाइयां रही हैं, लेकिन नदीम ने कभी हार नहीं मानी और संघर्ष करते रहे। पाकिस्तान का राष्ट्रीय खेल बोर्ड जब यह तय कर रहा था कि पेरिस ओलंपिक के लिए जाने वाले सात खिलाड़ियों में से किसका खर्च वहन करना है तो उसे केवल अरशद नदीम और उनके कोच ही इस लायक लगे।