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अभिनव बिंद्रा ने ओलंपिक में गोल्ड जीता, फिर भारतीय खेलों में आई क्रांति

Fri, 11 Aug 2017 04:18 PM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक निगम
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अभिनव बिंद्रा - फोटो : twitter
भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने 11 अगस्त 2008 को बीजिंग ओलंपिक्स में गोल्ड मेडल जीता था। वो व्यक्तिगत स्पर्धा में ओलंपिक गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बने।
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अभिनव बिंद्रा - फोटो : twitter
1947 में आजादी मिलने के बाद भारत ने पांच गोल्ड मेडल जीते और सभी हॉकी में ही जीते। इसके बाद भी भारत ने ओलंपिक में कुछ उपलब्धियां हासिल जरुर की, लेकिन बिंद्रा की उपलब्धि उन सभी में विशेष रही। बिंद्रा ने 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग स्पर्धा में गोल्ड पर निशाना साधा था। उन्होंने दबाव में खुद को बिखरने नहीं दिया और 10।8 अंक पर निशाना साधते हुए गोल्ड जीता। 
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बिंद्रा - फोटो : sportskeeda
बीजिंग ओलंपिक्स में भारत का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा था। विजेंदर सिंह ने मुक्केबाजी में तो सुशील कुमार ने रेसलिंग में पदक जीते। मगर बिंद्रा की उपलब्धि ने भारतीय खेलों में क्रांति लाने का काम किया। भारत ने फिर 2012 लंदन ओलंपिक्स में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 6 मेडल जीते। हालांकि, 2016 रियो ओलंपिक्स में भारत का प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा और पीवी सिंधु (रजत) व साक्षी मलिक (कांस्य) ही पदक जीतने में सफल रही।

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अभिनव बिंद्रा - फोटो : twitter
ये कहना गलत नहीं होगा कि 2008 में बिंद्रा का मेडल जीतना भारतीय खेलों में सफलता का नया रास्ता खोलने वाला पल रहा। भारतीय खेलों में क्रांति की शुरुआत हुई और इसमें कोई अचरज नहीं कि बिंद्रा की लाजवाब उपलब्धि के बाद भारत ने ओलंपिक में अब तक जीते 28 में से कुल 10 पदक इस सफलता के बाद जीते। कुल मिलाकर अगर देखा जाए तो भारत ने 18 पदक जीतने में 100 साल का समय लगाया जबकि अगले 10 पदक जीतने में उसे केवल 8 साल का समय लगा।
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बिंद्रा - फोटो : twitter
भारत अब सिर्फ क्रिकेट तक ही सीमित नहीं, बल्कि बैडमिंटन, हॉकी, बॉक्सिंग और रेसलिंग ने भी देश में अपने पाँव जमा लिए हैं। भले ही ये खेल क्रिकेट की बराबरी पर नहीं पहुंचे हो, लेकिन भारत अब अन्य खेलों में भी अपना वर्चस्व बना रहा है और इसकी शुरुआत 2008 में बिंद्रा के पदक जीतने के बाद ही हुई। 
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