भारतीय परंपरा में लोग नीचे बैठकर भोजन करते हैं। डाइनिंग टेबल पर बैठकर खाने वालों में से भी कुछ लोग मौका मिलते ही नीचे बैठकर ही भोजन करते हैं। दरअसल उनका मानना है कि नीचे बैठकर भोजन करने से खाने का आनंद आता है। वैसे शास्त्रों के अनुसार भी भोजन हमेशा नीचे बैठकर ही करना चाहिए। लेकिन क्या आप जानते हैं ऐसा क्यों?
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शास्त्रों में बताया गया है कि भोजन सिर्फ पेट भरने का साधन मात्र नहीं है। हिन्दू धर्म में अन्न को देवी अन्नपूर्णा का प्रसाद माना गया है। इसलिए भोजन के समय उसी प्रकार बैठना चाहिए जिस प्रकार पूजा करते समय ध्यान लगाकर बैठते हैं।
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पैर फैलाकर या खड़े होकर भोजन करने पर एवं भोजन के समय बात करने पर देवी अन्नपूर्णा देवी नाराज होती हैं।
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इससे भोजन शरीर में लगता नहीं है। इसका परिणाम अपच, मोटापा, पेट संबंधी अन्य रोग होती है। विज्ञान भी इस बात को स्वीकार करता है कि बैठकर विशेष तौर पर पलथी लगाकर भोजन करना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।
नीचे बैठकर भोजन करते समय शरीर में सुचारू रूप से रक्त संचार होता है और मानसिक शांति की अनुभूति होती है। भोजन पचने में आसानी होती है। स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं से बचाव होता है।