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Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि में क्या है अंतर? कैसे एक दूसरे से अलग है ये त्योहार

Tue, 01 Apr 2025 11:03 AM IST
दीक्षा पाठक धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Navratri 2025: क्या आपको पता है कि नवरात्रि साल में दो बार बड़े धूमधाम से मनाई जाती है, जिसमें चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि शामिल है। दोनों की नवरात्रि एक दूसरे से काफी अलग होती हैं। दोनों का अपना महत्व और रंग है। तो आज की इस खबर में हम आपको चैत्र और शारदीय नवरात्रि के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।
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चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि में क्या है अंतर? - फोटो : adobe stock
चैत्र नवरात्रि का त्योहार देशभर में बड़े ही उल्लास और श्रद्धा पूर्वक मनाया जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है।  इन नौ दिनों में भक्त श्रद्धा और भक्ति से व्रत भी रखते हैं। नवरात्रि शब्द सुनते ही हमारे मन में शक्ति, भक्ति और साधना जैसी भावनाएं आ जाती हैं। हालांकि, क्या आपको पता है कि नवरात्रि साल में दो बार बड़े धूमधाम से मनाई जाती है, जिसमें चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि शामिल है। दोनों की नवरात्रि एक दूसरे से काफी अलग होती हैं। दोनों का अपना महत्व और रंग है। तो आज की इस खबर में हम आपको चैत्र और शारदीय नवरात्रि के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।
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चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि में क्या है अंतर? - फोटो : adobe stock
चैत्र नवरात्रि
जैसा कि नाम से स्पष्ट है, चैत्र नवरात्रि तब आती है जब वसंत अपने चरम पर होता है। चारों ओर फूलों की बहार, हल्की ठंडी हवाएं, और हरियाली देखने को मिलती है। चैत्र नवरात्रि को हिंदू नववर्ष की शुरुआत का भी प्रतीक माना जाता है और हमें एक नया अध्याय शुरू करने का संदेश देती है। इसमें मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना की जाती है और भक्तगण नौ दिनों तक उपवास भी रखते हैं।
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चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि में क्या है अंतर? - फोटो : adobe stock
क्या है चैत्र नवरात्रि का महत्व?
पौराणिक कथाओं के अनुसार नवरात्रि केवल व्रत और पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि इसके पीछे ढेर सारी कहानियां भी हैं। एक कथा यह भी है कि कहा जाता है कि इसी दिन भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की थी। इसलिए इसे नई शुरुआत का पर्व माना जाता है। वहीं, चैत्र नवरात्रि की दूसरी कथा है कि इस दिन श्री राम का जन्म (राम नवमी) भी इसी नवरात्रि के अंतिम दिन मनाया जाता है। भगवान राम ने अधर्म के विरुद्ध धर्म की स्थापना की थी, इसलिए यह नवरात्रि हमें धर्म और सच्चाई के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती है।

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चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि में क्या है अंतर? - फोटो : amar ujala
शारदीय नवरात्रि
जैसा की नाम से ही स्पष्ट है शारदीय नवरात्रि शरद ऋतु में मनाई जाती है। यह पर्व तब आता है, जब गर्मी का मौसम जा चुका होता है और त्योहारों की शुरुआत होती है। इसके अंतिम दिन यानी राम नवमी के दिन दशहरा का त्योहार भी धूमधाम से मनाया जाता है। साथ ही जगह-जगह रावण दहन भी होता है। शारदीय नवरात्रि में  दुर्गा पूजा पंडाल, गरबा की धूम भी देखने को मिलती है।
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चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि में क्या है अंतर? - फोटो : adobe stock
क्या है शारदीय नवरात्रि का महत्व?
यह नवरात्रि चैत्र नवरात्रि से बिल्कुल अलग होती है। यह हमें मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय की याद दिलाती है। देवी ने नौ दिन तक युद्ध कर राक्षस महिषासुर का वध किया और संसार को बुरी शक्तियों से मुक्त किया। यही नहीं, शारदीय नवरात्रि बुराई पर अच्छाई के विजय का भी प्रतीक है। माना जाता है कि इसी दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था और शक्ति प्राप्त करने के लिए देवी दुर्गा की आराधना की थी।


 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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