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World Teachers Day 2019: जानिए क्यों शिक्षा से अधिक महत्व शिक्षक का

Sat, 05 Oct 2019 11:11 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
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teacher's day - फोटो : pixa
5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस, संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 1966 में यूनेस्को और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की हुई संयुक्त बैठक के कारण मनाया जाता है, जिसमें अध्यापकों की स्थिति को लेकर चर्चा की गई थी और सुझाव भी प्रस्तुत किये गये थे । इस दिन मुख्यता कार्यरत अध्यापकों एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों को उनके विशेष योगदान के लिये सम्मानित किया जाता है। जीवन में सफलता का श्रेय शिक्षक को ही जाता है। आइए आज विश्व शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में जानते है, एक विद्यार्थी के जीवन में क्या होती है शिक्षक की महत्वता। 
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teachers day
पंडित यदि पढि गुनि मुये, गुरु बिना मिलै न ज्ञान।
ज्ञान बिना नहिं मुक्ति है, सत्त शब्द परमान॥

कबीरदास जी कहते है कि बड़े-बड़े विद्वान शास्त्रों को पढ़कर ज्ञानी होने का दम भरते हैं, परंतु गुरु के बिना उन्हें ज्ञान नही मिलता और ज्ञान के बिना मुक्ति नहीं मिलती है।

 
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Guru Purnima 2019 - फोटो : Rohit Jha
कबीरदास जी की तरह अन्य हिन्दी कवियों व साहित्यकारों ने गुरू की महत्वता पर प्रकाश डाला हैं, क्योंकि शिक्षक ही वो कुम्हार होता है जो शिष्य रुपी मिट्टी को घड़े का आकार देता है। संपन्न समाज में गुरू का महत्व किसी कल कारखानों के निर्माण से कही अधिक जरूरी होता है।

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सचिन/अचरेकर - फोटो : social media
बात चाहे, प्राचीन समय की हो या वर्तमान परिदृश्य की शिक्षक की जरूरत तब भी पड़ी थी जब गुरू द्रोणाचार्य ने पांडवों और कौरवों को कौशल प्रदान किया था और गुरु की जरुरत सचिन तेंदुलकर को भी पड़ी। गुरु की वजह से ही वो क्रिकेट खेलना सीखे और महान बल्लेबाज बन पाएं।
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children - फोटो : pixa
एक बच्चा जो अपने घर के बाद विद्यालय से शिक्षा ग्रहण करता है तब उसको एक शिक्षक ही सफलता की ओर अग्रसरित करता है और जब बात सफल जिंदगी की आती है तब भी योग्य शिक्षक ही महत्तवपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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