कोरोना वायरस (Coronavirus) के आतंक के बीच सनातन संस्कृति की एक अनूठी परंपरा खूब चर्चा में आई है और वो परंपरा है दोनों हाथों को जोड़कर नमस्ते करने की। यह परंपरा किसी से भेंट करते समय या विदा होते समय की जाती है। कोरोना जैसे खतरनाक वायरस को फैलाने में हाथ मिलाकर अभिवादन करने की पाश्चात्य संस्कृति कहीं न कहीं जिम्मेदार रही है। इसलिए अब लोग अभिवादन के रूप में नमस्ते की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। दुनिया के बड़े से बड़े देशों के नेताओं ने इसका प्रत्यक्ष उदाहरण भी दिया है। लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि नमस्ते की संस्कृति पूर्ण रूप से वैज्ञानिक है। आइए जानते हैं।