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Vidur Niti: तुरंत छोड़ देनी चाहिए इन लोगों की संगति, स्वयं के साथ आपका भी करते हैं नुकसान

Thu, 15 Apr 2021 06:55 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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Vidur Neeti - फोटो : Rohit Jha
विदुर जी की गिनती महाभारत के बुद्धिजीवियों में की जाती है। ये अत्यंत कुशाग्र बुद्धि के होने के साथ ही अत्यंत सरल स्वभाव के थे। इनके पिता ऋषि वेदव्यास थे, जो रानी सत्यवती के पुत्र थे। इस नाते ये कौरवों और पांडवों के काका थे परंतु एक दासी के गर्भ से जन्म होने के कारण वह राजा नहीं बन सके लेकिन धृतराष्ट्र महत्वपूर्ण मसलों पर विदुर जी की राय लेते थे। महात्मा विदुर की नीतियां आज भी उतना ही औचित्य रखती हैं। विदुर नीति में ऐसे लोगों के बारे में बताया गया है जिनकी संगति में कभी नहीं रहना चाहिए, क्योंकि यह लोग खुद के साथ दूसरों का भी जीवन बर्बाद कर देते हैं।
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vidur - फोटो : Social Media
मेहनत से जी चुराने वाले से रहें दूर
विदुर नीति कहती हैं कि आलसी लोगों से सदैव दूरी बनाकर रखनी चाहिए। ऐसे लोगों की संगति का प्रभाव दूसरे व्यक्ति पर भी पड़ने लगता है। ये लोग स्वयं त मेहनत से जी चुराते ही हैं, वह दूसरों का भी ध्यान परिश्रम करने से भटकाते हैं। ऐसे स्वयं तो सफल नहीं होते हैं साथ ही में आपकी सफलता में भी बाधक बनते हैं।
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vidur niti - फोटो : pinterest
स्वार्थी लोगों से रहें दूर
विदुर जी कहते हैं कि स्वार्थी व्यक्ति का साथ तुरंत छोड़ देना चाहिए। स्वार्थ में अंधा व्यक्ति अपने लाभ के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाता है। ऐसे लोग समय पड़ने पर केवल अपना हित देखते हैं चाहे भले ही कोई मुसीबत में घिर जाए। ऐसे लोगों की संगति आपको बड़ी मुश्किल में फंसा सकती है।
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VIDHURA - फोटो : SELF
लालची लोगों के साथ भूलकर भी न रहे
विदुर नीति कहती हैं कि व्यक्ति को लालची व्यक्ति की संगति नहीं करनी चाहिए। इन लोगों की आंखों पर लोभ का पर्दा पड़ा होता है और लोभ व्यक्ति को गलत कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। ऐसे लोग लोभ में आकर आपका अहित भी कर सकते हैं। इनके द्वारा किए गए गलत कार्यों के कारण आप मुसीबत में घिर सकते हैं।
 
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