वैसे तो मधुमेह व्यक्ति के शरीर में पैंक्रियाज का सही से काम न करने पर होता है। पैंक्रियाज नाभि से ऊपर और दिल के नीचे होतै हैं। इसीलिए इन्हें जन्म कुंडली के पंचम भाव से भी देखा जाता है। व्यक्ति की बीमारी के जिम्मेदार वैसे तो खराब खान पान आदि होता है, लेकिन कई बार ग्रहों की खराब दशा में उन्हें शारीरिक रूप में परेशान करती है।
विज्ञापन
2 of 5
अगर कुंडली में शुक्र छठे भाव में हो और गुरु 12वें भाव में हो तो व्यक्ति को मधुमेह होने की संभावना बढ़ जाती है।
विज्ञापन
3 of 5
यदि कुंडली में गुरु व शनि की युति बहुत करीब अंशों पर हो रही हो, यानि दोनों एक ही नवांश में हो मधुमेह होने का एक कारण ये भी हो सकता है।
4 of 5
यदि आपकी कुंडली में शनि का संबंध चंद्रमा से हो या शनि ही कर्क राशि में हो तो इस कारण व्यक्ति शारिरीक रूप में परेशान रहता है। यही नहीं उसे शुगर होने की संभावना अधिक होती है।