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शिक्षक दिवस 2019ः शिक्षक का महत्व कबीरदास जी ने ऐसे समझाया

Thu, 05 Sep 2019 04:41 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क,अमर उजाला
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teacher's day - फोटो : pixa
5 सितंबर शिक्षक दिवस के रूप मे मनाया जाता है। हर व्यक्ति के लिए शिक्षा ज़रूरी है और बिना शिक्षक शिक्षा का कोई अर्थ ही नहीं है। शिक्षक का हमारे जीवन में अहम योगदान होता है। जीवन के हर कदम पर शिक्षक की आवश्यकता होती हैं। इस बात का उल्लेख हमें प्राचीन कथाओं में भी मिलता है।


  
 
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शिक्षक दिवस 2019 - फोटो : Pixabay
कबीर का एक दोहा भी इस महत्त्व को उजागर करता हैं
गुरु बिन ज्ञान न उपजै, गुरु बिन मिलै न मोष।
 गुरु बिन लखै न सत्य को, गुरु बिन मैटैं न दोष।।

कबीर के अनुसार बिना गुरु के ज्ञान मिलना संभव ही नहीं है। जब तक गुरु ज्ञान नहीं मिलता हमारा जीवन अंधकार में ही डूबा रहता है। बिना गुरु ज्ञान के सत्य और असत्य का पता नहीं चलता है। उचित और अनुचित के भेद का ज्ञान नहीं होता हैं। 
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शिक्षा का आधार ही शिक्षक है। कथाओ में जितना अधिक महत्व शिक्षा को दिया गया है, उससे कही अधिक महत्व शिक्षक को दिया गया है। शिक्षक हमारे जीवन में दीपक कि तरह है जिनकी कृपा-दृष्टि से हमारे जीवन का अंधकार मिट जाता हैं। एक छात्र किसी भी शिक्षक के लिए गीली मिट्टी की तरह होता है, जैसा आकर वो अपने छात्र को देना चाहे वैसा आकर दे सकता है। इसलिए कहा भी जाता है एक शिक्षक का देश के निर्माण में काफी बड़ा योगदान होता है। 
 
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