जीवन मे पवित्रता बनाए रखना बहुत आवश्यक है और ऐसा करने के लिए घर ऑफिस मे साफ सफाई, अच्छा वातावरण रखना जरूरी है। रामचरितमानस में भी इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि जीवन में पवित्रता बनाए रखने के लिए स्थान का पवित्र होना कितना महत्वपूर्ण है।
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ram navami 2020
कथाओं के अनुसार श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण वनवास के दौरान जब वन में विचरण कर रहे थे तब एक स्थान पर लक्ष्मण का मन विचलित हो उठा और वो मन ही मन सोचने लगे कि माता कैकेयी ने तो भैया श्री राम को वनवास दिया है मुझे नहीं में क्यों भैया श्री राम के साथ वनवास का कष्ट उठाऊ।
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हैप्पी राम नवमी
तभी श्री राम ने लक्ष्मण से बोला इस भूमि कि मिट्टी काफी अच्छी दिखती है तोड़ी सी मिट्टी रख लो लक्षमण ने उस भूमि कि मिट्टी एक पोटली मे रख ली। रास्ते में विचरण करते-करते जब-जब वो उस मिट्टी की पोटली को अपने से दूर करते उनके मन मे किसी तरह का कोई भी सवाल नहीं उठता उनके मन मे बस माता सीता और श्री राम का ही ध्यान लगा रहता।परंतु जैसे ही वो उस पोटली को अपने पास रखते उनका मन फिर से विचलित हो उठता।
जब कही बार ऐसा होते रहा तो उन्होंने श्री राम को इस बारें मे बताया। तब श्री राम ने उन्हें बताया की दोष तुम्हारा बिलकुल भी नहीं हैं।यह प्रभाव उस मिट्टी का जो तुम्हारी पोटली में है। उन्होंने लक्ष्मण को बताया कि जैसे कर्म जिस भूमि में किए जाते हैं उसका प्रभाव इंसान के जीवन मे भी पड़ता है। जिस स्थान की मिट्टी इस पोटली में है, वहां पर सुंद और उपसुंद नामक दो राक्षसों का निवास था। जिस स्थान की मिट्टी इस पोटली में है, वहां पर सुंद और उपसुंद नामक दो राक्षसों का निवास था इस कारण वो भूमि भी अपवित्र हो गयी और वहां का वातावरण अशुद्ध हो गया है।