नवरात्रि में पूरा देश मां दुर्गा को प्रसन्न करने की कोशिश में जुटा है। पूरा बंगाल दुर्गा पूजा के डूब हुआ है। जगह-जगह पर एक से बढ़कर एक पंडाल बनाए गए है। जहां कोलकाता में माहिष्मती साम्राज्य की तर्ज पर बना पंडाल दुनिया का सबसे महंगा पंडाल का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुका है, वहीं असम में मां दुर्गा की बांस से बनी एक मूर्ति गिनीज बुक ऑफ विश्व रिकॉर्ड में शामिल होने की राह पर है। बांस से बनी ये मूर्ति को गुवाहटी की बिष्णुपुर सर्वोजनिन दुर्गा पूजा कमेटी ने बनवाया है।
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इस मूर्ति को बनने में करीब 2 महीने का समय लगा। इसमें 5 हजार बांस की बल्लियों का इस्तेमाल किया गया है। इससे पहले सबसे लंबी दुर्गा मूर्ति का ये रिकॉर्ड कोलकाता के नाम था। पिछले वर्ष वहां फाइबर से 83 फीट ऊंची मूर्ति बनाई गई थी।
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गुवाहाटी की इस मूर्ति में एक ही मेटल और प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया गया है। इसमें पूरी तरह से बांस का ही इस्तेमाल किया गया है। इस मूर्ति को बनाने का काम 1 अगस्त से शुरू किया गया था। जिसके करीब 40 आर्टिस्ट लगे हुए हैं।
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इसके आर्ट डायरेक्टर नुरद्दीन अहमद के अनुसार पहले ये मूर्ति 110 ऊंचीं बनने वाली थी, लेकिन 17 सितंबर को आए एक तूफान में ये पूरा गिर गया। इसके बाद उनके पास इस मूर्ति को 6 दिनों में पूरा करने का चैलेंज था।
बांस की इस मूर्ति का काम पूरा हो चुका है। इनका लक्ष्य विश्व की सबसे लंबी बांस की मूर्ति बनने का है। चार दिवसीय दुर्गा पूजा 27 सितंबर से शुरू होने वाला है।
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