फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chanakya niti: राजा, ब्राह्मण और स्त्री की ये होती है सबसे बड़ी ताकत

Fri, 16 Apr 2021 10:00 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 4
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
आचार्य चाणक्य चंद्र गुप्त मौर्य के महामंत्री और एक श्रेष्ठ विद्वान थे। ये कुशाग्र बुद्धि के धनी थे। आचार्य चाणक्य को कई विषयों की गहरी समझ तो थी ही साथ ही में इन्हें व्यवहारिक जीवन की हर परिस्थिति का अनुभव था। चाणक्य को कौटिल्य और विष्णु गुप्त के नाम से भी जाना जाता था। इनके द्वारा लिखित नीति शास्त्र में मनुष्य के जीवन के बहुत से पहलुओं से संबंधित महत्वपूर्ण बातों का जिक्र किया गया है। प्रत्येक स्त्री और पुरुष में कुछ विशेष गुण और शक्तियां होती हैं। समय पड़ने पर यदि इन शक्तियों का सही प्रयोग किया जाए तो कार्यों को सिद्ध किया जा सकता हैं। आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में राजा, ब्राह्मण और स्त्री की सबसे बड़ी ताकत के बारे में बताया है। तो चलिए जानते हैं कि क्या कहती है चाणक्य नीति।
विज्ञापन

2 of 4
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
बाहुवीर्यबलं राज्ञो ब्राह्मणो ब्रह्मविद् बली।
रूप-यौवन-माधुर्यं स्त्रीणां बलमनुत्तमम्।।
आचार्य चाणक्य ने इस श्लोक के माध्यम से ब्राह्मण, स्त्री और राजा की सबसे बड़ी ताकत के बारे में जानकारी दी है।

ब्राह्मण की सबसे बड़ी ताकत ज्ञान
नीति शास्त्र के इस श्लोक के अनुसार ब्राह्मण की शक्ति उसका ज्ञान है। ब्राह्मण अपने ज्ञान के कारण ही समाज में सम्मान का पात्र होता है। किसी ब्राह्मण को जितना अधिक ज्ञान होता है उसे समाज में उतना ही अधिक सम्मान प्राप्त होता है। ब्राह्मण के अलावा सभी मनुष्यों के लिए ज्ञान ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति होता है। विषम परिस्थितियों में जब सभी साथ छोड़ देते हैं, तब ज्ञान ही उस परिस्थिति से निकलने में मदद करता है। ब्राह्मण के लिए ज्ञान उसके जीवन की जमा पूंजी होता है।
विज्ञापन

3 of 4
Chanakya Success Mantra - फोटो : social media
स्त्रियों की ताकत है सौंदर्य और मीठी वाणी
नीति शास्त्र के अनुसार किसी भी स्त्री का सौंदर्य और यौवन ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति होती है। इसके अलावा स्त्री की मधुर वाणी उसकी सबसे बड़ी ताकत होती है। सौंदर्य कुछ दिन में समाप्त होता है लेकिन मधुर वाणी वाली स्त्री हर जगह सम्मान प्राप्त करती है और अपने परिवार का मान भी बढ़ाती है।
विज्ञापन

4 of 4
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
राजा की ताकत होता है बाहुबल
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि किसी भी राजा की सबसे बड़ी शक्ति उसका स्वयं का बाहुबल होता है। राजा के कई मंत्री और सहायक होते हैं लेकिन जब राजा स्वयं कमजोर हो तब वह शासन नहीं कर सकता है। प्रजा के साथ अपने अधीनस्थ लोगों और सभी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए राजा का ताकतवर होना आवश्यक है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें