आचार्य चाणक्य
- फोटो : Social media
बाहुवीर्यबलं राज्ञो ब्राह्मणो ब्रह्मविद् बली।
रूप-यौवन-माधुर्यं स्त्रीणां बलमनुत्तमम्।।
आचार्य चाणक्य ने इस श्लोक के माध्यम से ब्राह्मण, स्त्री और राजा की सबसे बड़ी ताकत के बारे में जानकारी दी है।
ब्राह्मण की सबसे बड़ी ताकत ज्ञान
नीति शास्त्र के इस श्लोक के अनुसार ब्राह्मण की शक्ति उसका ज्ञान है। ब्राह्मण अपने ज्ञान के कारण ही समाज में सम्मान का पात्र होता है। किसी ब्राह्मण को जितना अधिक ज्ञान होता है उसे समाज में उतना ही अधिक सम्मान प्राप्त होता है। ब्राह्मण के अलावा सभी मनुष्यों के लिए ज्ञान ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति होता है। विषम परिस्थितियों में जब सभी साथ छोड़ देते हैं, तब ज्ञान ही उस परिस्थिति से निकलने में मदद करता है। ब्राह्मण के लिए ज्ञान उसके जीवन की जमा पूंजी होता है।