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रामायण की ये 4 बातें, जो आपके जीवन को स्वर्ग बना देंगी

Wed, 04 Sep 2019 11:39 AM IST
प्रशांत राय धर्म डेस्क, अमर उजाला
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- फोटो : twitter
रामायण हिंदू धर्म का प्रमुख ग्रंथ है। रामायण में बताए गए कुछ गुणों को अपनाकर और कुछ जरूरी बातों को ध्यान में रखकर मर्यादा और अनुशासन वाला जीवन जीना चाहिए। इससे बुराई पर अच्छाई की जीत होती है। रामायण से हर इंसान को कुछ ना कुछ सीखकर खुद के जीवन में अच्छी बातें शामिल करनी चाहिए। इससे जीवन का स्तर बढ़ता है। साथ ही अच्छे गुणों के प्रभाव से हर काम में सफलता मिलती है। इसके अलावा मानसिक तनाव से भी बचे रहेंगे और परेशानियों से भी दूर रहेंगे। आइए जानते हैं वो कौन सी चार बाते हैं, जिन्हें अपनाकर आप सफल हो सकते हैं। 

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ramayan - फोटो : file photo
विविधता में एकता
विविधता में एकता रामायण की सबसे बड़ी सीख है। जब प्रभु श्रीराम लंका पर चढ़ाई कर रहे थे तो उस दौरान उनकी सेना में सभी तरह के लोग ते। मनुष्य से लेकर पशु-पक्षी तक सभी मौजूद थे। युद्ध के दौरान सभी ने प्रभु श्रीराम का साथ दिया था। इसके अलावा राजा दशरथ के चार बेटे थे और सभी के चरित्र अलग-अलग लेकिन उनमें फिर भी एकजुटता थी और यही चीज हर परिवार को दुख के समय से बाहर निकलने में मदद करती है। 

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- फोटो : file photo
प्रभु श्रीराम के सभी बाइयों में प्रेम था। ऐसे प्रेम में लालच, गुस्से या विश्वासघात के लिए थोड़ी भी जगह नहीं थी। लक्ष्मण 14 साल तक अपने बड़े भाई प्रभु श्रीराम के साथ वनवास काटते रहे। वहीं दूसरी तरफ भरत ने रागद्दी के मौके को अपने बड़े भाई के लिए ठुकरा दिया। भाइयों के प्यार की ये सीख हमें लालच और सांसारिक सुखों के बजाय रिश्तों को महत्व देने के लिए प्रेरित करते हैं। 

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भगवान श्रीराम चंद्र का व्यक्तित्व मर्यादा और अनुशासनपूर्ण था। उन्होंने मर्यादाओं में रहकर अपने जीवन की सभी जिम्मेदारियों को बहुत ही अच्छे से निभाया। प्रभु श्रीराम के जीवन से हमें यह सीखना चाहिए कि मर्यादा और अनुशासन में रहकर हम एक बेहतर इंसान बन सकते हैं। 

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सबसे एक जैसा व्यवहार
भगवान राम का व्यवहार बहुत ही विनम्रतापूर्ण था। सभी के प्रति सम्मान का भाव था, जो हमें उनके जीवन से सीखना चाहिए। हमें पद व उम्र के भदभाव के बावजूद सबसे एक जैसा व्यवहार करना चाहिए। पशुओं के प्रति प्यार और दया भी हमारे मन में होनी चाहिए। 

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