हिन्दू धर्म में मंत्रों के जप करने का विशेष महत्व होता है। शास्त्रों और पुराणों के अनुसार महामृत्युंजय मंत्र का जप करने से रोगी को मृत्यु का भय खत्म हो जाता है। यह मंत्र भगवान शिव को प्रसन्न करने का खास मंत्र है। महामृत्युंजय मंत्र का जप करना फलदायी होता है लेकिन इस मंत्र का जप करने से कुछ सावधानियां रखनी चाहिए।
त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
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महामृत्युंजय मंत्र का जप करते समय हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए शिवलिंग में दूध मिले जल से ही अभिषेक करते रहें।
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इस मंत्र का जाप करते समय आसन बिछा कर करना चाहिए कभी भी बिना आसन के इस मंत्र का जाप नहीं करना चाहिए।
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इस मंत्र का जाप पहले से निर्धारित जगह में ही करें। रोज अपनी जगह न बदलें साथ ही मंत्र करते समय एकाग्रता बरतनी चाहिए।
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महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते समय उच्चारण ठीक ढ़ंग से करना चाहिए शब्दो की गलतियां करने से बचना चाहिेए।