या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
शास्त्रों में मां सरस्वती को शिक्षा, ज्ञान और बुद्धि की देवी माना गया है। मां सरस्वती का नाम संस्कृत के दो शब्दों के मेल से बना है, ‘सार’ तथा ‘स्व’ जिनका अर्थ क्रमशः ‘मूल तत्व’ तथा ‘स्वयं’है। इस प्रकार मां सरस्वती के नाम का तात्पर्य है ‘स्वयं के मूल तत्व एवं भाव का ज्ञान’। माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मां सरस्वती सृष्टि के रचियता ब्रह्मा जी के मुख से प्रकट हुई थीं। इस दिन मां सरस्वती की पूजा करने वालों पर देवी की विशेष कृपा बनी रहती है। कमल पर आसीन मां सरस्वती के एक हाथ में पुस्तक, एक में वीणा, एक में माला और एक हाथ आशीर्वाद मुद्रा में है व उनका वाहन हंस है। मां के स्वरूप में जन-जन के कल्याण लिए प्रेरणा छुपी हुई है। इस प्रेरणा को हम जीवन में उतार कर सुखी और समृद्ध जीवन जी सकते हैं।
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Vasant Panchami 2023
- फोटो : अमर उजाला
कमल पर विराजती हैं मां
मां सरस्वती को कमल बहुत प्रिय है। कमल कीचड़ में भले ही पैदा हो लेकिन वह बेदाग होता है। तमाम परिस्थितियों में रहने के बावजूद कमल हमें अपनी छवि को बेदाग बनाने के लिए प्रेरित करता है। कमल से ये संदेश मिलता है कि हमारे चारों तरफ कैसा भी वातावरण क्यों न हो, उसका प्रभाव हमारे तन-मन पर नहीं आना चाहिए। शुद्ध मन में ही ईश्वर का निवास होता है।
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vasant panchami
- फोटो : amar ujala
श्वेत वस्त्र
देवी माँ श्वेत वस्त्र धारण करती हैं। श्वेत रंग शांति और सादगी का प्रतीक माना जाता है। विद्या अध्ययन करने वाले लोगों को शांति और सादगी की जरूरत होती है।
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vasant panchami
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हाथ में पुस्तक
ज्ञान की देवी माँ शारदा के एक हाथ में पुस्तक है। इनकी पुस्तक लोगों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रेरित करती है। शिक्षा और ज्ञान से ही सबका उत्थान संभव है, इसलिए जीवन में सुख-समृद्धि पाने के लिए जितना संभव हो, उतना ज्ञान अर्जित करें।
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vasant panchami 2023
- फोटो : अमर उजाला
वीणा
देवी को वीणावादिनी भी कहा जाता है। वीणा का अर्थ खुश रहने और खुशी बांटने से है। जन्म के बाद माता सरस्वती ने वीणा के तार छेड़ा था, तो सारा संसार आनंद से चहक उठा था, ठीक वैसे ही, व्यक्ति को अपने मन को सदैव खुश रखना चाहिए, इतना खुश कि आपसे मिलकर दूसरे व्यक्ति का मन भी आनंद से भर जाए।
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वसंत पंचमी 2023 की हार्दिक शुभकामनाएं
- फोटो : Amar Ujala
हंस
मां सरस्वती का वाहन हंस जो कि सफेद होता है। दूध और पानी को अलग करने की शक्ति हंस में होती है। यह प्रतीक हमें सही और गलत में फर्क करना सिखाता है और सही मार्ग पर चलने को प्रेरित करता है।
स्फटिक की माला
मां के एक हाथ में स्फटिक की माला होती है। माला एकाग्रता और ध्यान का प्रतीक मानी जाती है। माता के हाथ में माला व्यक्ति को धर्म की राह पर ले जाने की प्रेरणा देती है, भगवान का मनन करने की प्रेरणा देती है। विद्यार्थियों को एकाग्रता और ध्यान से पढ़ाई करने का संदेश भी देती है।