संत रविदास जी के अनमोल वचन
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2. "कृस्न, करीम, राम, हरि, राघव, जब लग एक न पेखा।
वेद कतेब कुरान, पुरानन, सहज एक नहिं देखा।।"
अर्थ: भले ही लोग अलग-अलग नामों से ईश्वर की पूजा करें, परंतु सत्य यही है कि सभी धार्मिक ग्रंथों में एक ही ईश्वर की महिमा का गुणगान किया गया है।