आचार्य चाणक्य
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चाणक्य के अनुसार, दुनिया में दान, एकादशी तिथि, गायत्री मंत्र और माता का स्थान बहुत ही श्रेष्ठ है। दान से बड़ी चीज कुछ भी नहीं होती है। एकादशी तिथि से बढ़कर कोई तिथि नहीं है। मंत्रों में गायत्री मंत्र सबसे श्रेष्ठ है और धरती पर मां से बड़ा कोई दूसरा नहीं है, यहां तक की कोई देवता भी नहीं हैं।