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चाणक्य नीतिः दूसरों पर अपनी बात का असर छोड़ना चाहते हैं तो इन बातों को दोहराने से बचें

Thu, 09 Jul 2020 05:58 AM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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चाणक्य नीति की अनमोल बातें - फोटो : Social media
चाणक्य की नीतियां आज भी जीवन जीने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। आचार्य चाणक्य को वेदों और शास्त्रों के बारे में गहन जानकारी थी। इसलिए उन्हें वेद और शास्त्रों का बड़ा ज्ञाता कहा जाता है। उन्होंने नीतिशास्त्र नामक पुस्तक में जीवन, रिश्तों, व्यवहारिक दृष्टीकोण मनुष्य की अपेक्षाएं आदि कई विषयों पर कई ऐसी बातें बताई हैं, जिनका अनुसरण करके जीवन को एक सही दिशा में ले जाया जा सकता है। नीतिशास्त्र में एक श्लोक का उल्लेख मिलता है जिसमें उन्होंने ऐसी ही कुछ बातें बताई हैं जिन्हें दोहराना नहीं चाहिए। क्योंकि इन्हें दोहराने से सम्मान कम हो जाता है और फिर उस बात का कोई अर्थ नहीं रह जाता है। 
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चाणक्य नीति की अनमोल बातें - फोटो : Social media
सकृज्जल्पन्तिराजान: सकृज्जल्पंतिपंडिता: सतकृत्कन्या: प्रदीयन्तेत्रीण्येतानिसकृत्सकृत्।।

राजा को सिर्फ एक ही बार आज्ञा या आदेश देना सही रहता है, क्योंकि अगर पहली बार में ही उस आदेश को पूरा नहीं किया गया,तो दूसरी बार उस बात को कहने या दोहराने से उस आदेश का सम्मान समाप्त हो जाता है। अगर कोई व्यक्ति दोबारा से राजा की आज्ञा या आदेश को जानने या उसे दोहराने की इच्छा प्रकट करता है। तो यह भी राजा की आज्ञा का निरादर ही होता है।
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चाणक्य नीति की अनमोल बातें - फोटो : Social media
चाणक्य के अनुसार पंडितों और पुरोहितों द्वारा किए गए मंत्रोच्चारण को पहली बार में ही अच्छे से ध्यान पूर्वक सुनना और समझना चाहिए। क्योंकि उनकी प्रतिज्ञा दृढ़ रहती है, अगर मंत्रों का उच्चारण दोबारा किया जाए तो उन मंत्रों का अर्थ बदल जाता है।

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चाणक्य नीति की अनमोल बातें - फोटो : Social media
कन्या दान को महादान माना गया है चाणक्य के अनुसार कन्यादान भी जीवन में एक ही बार करना चाहिए और कन्यादान को पूरे मन और श्रद्धा से करना चाहिए।
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चाणक्य नीति की अनमोल बातें - फोटो : Social media
चौथी बात चाणक्य ने बताई है कि मनुष्य को जीवन भी एक ही बार मिलता है, इसलिए उसे पूरी समझदारी के साथ व्यतीत करना चाहिए। जीवन को सत्कर्मों में लगाना चाहिए, और अपने जीवन में बुरे कर्मों से दूर रहना चाहिए।
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